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सुंदरनगर में ट्रैफिक व्यवस्था बेलगाम, बेतरतीब खड़े वाहनों से जाम

Thu, 09 Jun 2016 06:05 PM IST
मंडी
मंडी Updated Thu, 09 Jun 2016 06:05 PM IST
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traffic jam in sundernager
पार्किंग की व्यवस्था नहीं - फोटो : अमर उजाला

सुंदरनगर (मंडी)। नेशनल हाईवे पर बसे सुंदरनगर शहर और आसपास के क्षेत्र में यातायात दबाव अनियंत्रित होकर रह गया है। क्षेत्र में सड़क हादसों के बढ़ते ग्राफ से क्षेत्र के लोग अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंतित रहते हैं। हर साल यहां हाईवे पर सैकड़ों सड़क हादसे होते है। पर्याप्त पार्किंग सुविधा न होने के कारण लोग नो पार्किंग जोन में बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े कर देते हैं। जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। हर साल करीब दो हजार के करीब नए वाहन सड़क पर उतर रहे हैं, जबकि पार्किंग नाममात्र की है।

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सुंदरनगर शहर में दिनों-दिन बढ़ती वाहनों की संख्या यातायात के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। आधुनिकता के इस दौर में लोग वाहन खरीदने पर तो जोर दे रहे हैं परंतु उसे कहां खड़ा करेंगे, इसका उनको भी पता नहीं होता। जिस कारण लोग यहां-वहां वाहन खड़ा कर देते है। सुंदरनगर शहर में धनोटू से लेकर पुंघ तक जहां पर भी सड़क के किनारे जगह होती है, वहां पर दर्जनों के हिसाब से सारा दिन वाहन खड़े रहते हैं। इससे हाईवे पर भारी दबाव बना रहता है।
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रोजाना सड़क हादसे और जाम की स्थिति भी पैदा हो रही है। लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन, पुलिस और नगर परिषद का अमला पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है। आम आदमी को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। सुंदरनगर में वर्ष 2005 में महज 946 वाहन साल भर में पंजीकृत हुए थे। वह अब औसतन हर साल दो हजार के करीब पहुंच गये हैं। वर्ष 2015 में सुंदरनगर में 2279 वाहन पंजीकृत हुए, जबकि 2016 के चार माह में अब तक करीब सात सौ वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। जिससे साफ है कि इस वर्ष तक आंकड़ा तीन हजार तक पहुंच जाएगा।
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ऐसे में अगर समय पर पार्किंग की व्यवस्था न की गई तो आने वाले समय में यातायात को नियंत्रण करना शहर में मुश्किल हो जाएगा। वर्तमान में शहर में करीब आधा दर्जन निजी पार्किंग स्थल है, जिनमें तीन सौ के करीब वाहन खड़ा करने की क्षमता है। वहीं नगर परिषद की ओर से भोजपुर में महज एक पार्किंग बनाई गई है, जिस पर एक करोड़ का खर्च करने पर भी सिर्फ 50 वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा है।

कोट्स
सुंदरनगर शहर में पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से स्थिति विकराल रूप धारण कर चुकी है। आने वाली नगर परिषद की बैठक में पार्किंग सुविधा को बढ़ाने के एजेंडे को प्रमुख रूप से रखा गया है। शहर के हर वार्ड में पार्किंग की व्यवस्था हो, इसके लिए कदम उठाए जाएंगे।
...पूनम शर्मा, अध्यक्ष नगर परिषद सुंदरनगर।

सुंदरनगर शहर में यातायात को दुरुस्त करने के लिए पुलिस की कई टीमें दिन भर ड्यूटी दे रही हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से सड़क हादसों में भी कमी आई है।
...संजीव भाटिया, डीएसपी सुंदरनगर।

सुंदरनगर में वर्ष 2015 में 2279 नए वाहन पंजीकृत हुए हैं। पिछले कुछ सालों से नए वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब समय आ गया है कि लोग वाहन खरीदने से पहले उनके लिए पहले पार्किंग की व्यवस्था कर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका अदा करें।
...राजीव कुमार,एडीएम सुंदरनगर।

घर में पार्किंग सुविधा हो तभी खरीदें वाहन
आधुनिकता के दौर में लोग वाहन अपनी जरूरत की हिसाब से नहीं अपितु अपनी साख के हिसाब से खरीद रहे हैं। ऐसे में अब लोगों को पहले अपने घर में पार्किंग हो, तभी बड़ा वाहन खरीदना चाहिए अन्यथा पार्किंग की समस्या मेरी न होकर हमारी हो जाएगी।
...दीप सैनी, ट्रांसपोर्टर

सुंदरनगर शहर में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन और नगर परिषद को कार्य योजना बना कर जनता को साथ लेकर काम करना होगा। निजी पार्किंग स्थलों पर शुल्क अधिक होने के कारण भी लोग सड़क पर वाहन खड़ा करते हैं। इसलिए निजी पार्किंग स्थलों के शुल्क की समीक्षा की जाए।

भवानी शर्मा, प्रधान पेंशनर संघ सुंदरनगर।

सुंदरनगर हाईवे पर लोग सुबह वाहन खड़े कर अपने काम को चले जाते हैं और शाम को वापस आने पर उसे ले जाते हैं। मुफ्त की पार्किंग का लोग भरपूर फायदा उठा रहे हैं। इसलिए हाईवे पर घंटों के हिसाब से पार्किंग शुल्क तय होना चाहिए। जिससे अनावश्यक वाहन हट जाएंगे।
ज्ञान चंद मित्तल, प्रधानाचार्य।

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