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आज पांच बजे खुल जाएंगे मंदिरों के द्वार
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मंडी। चैत्र नवरात्रों के उपलक्ष्य पर शनिवार सुबह से अगले नौ दिन तक जिलेभर के मंदिरों के कपाट पांच बजे खुल जाएंगे। मंदिर की शुद्धि के लिए जगह-जगह हवन पाठ किया जाएगा। मंदिर कमेटी सदस्य और गूर-पुजारियों की ओर से व्रत रखकर एक समय का फलाहर ग्रहण कर नौ दिन पाठ किया जाएगा।
कोरोना को लेकर सरकारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा। मंडी शहर के स्कूल बाजार स्थित माता काली चामुंडा मंदिर कमेटी के प्रधान सुंदरलाल, महाकाली माता पुरानी मंडी के गूर आयुष, भीमाकाली मंदिर के प्रधान पुष्पराज, देव सत बाला कामेश्वर मंदिर महाजन बाजार के गूर हेमराज आदि ने बताया कि इस बार कोरोना बंदिशों के हटने से लोगों में चैत्र नवरात्र को लेकर भारी उत्साह है। श्रद्धालुओं की ओर से मंदिरों में भंडारों और कीर्तन आयोजनों के लिए पहले ही अनुमति के लिए आवेदन किया है।
मंदिरों में जातर और मेलों का भी आयोजन रहेगा। जिले के रिवालसर स्थित नैणा देवी, मुरारी देवी, महामाया और शीतला माता सुंदरनगर, हाटेश्वरी माता हटगढ़, कोयला माता राजगढ़, सिमसा माता लडभड़ोल, सक्रैणी माता धर्मपुर, चतुर्भुजा माता बसाही धार जोगिंद्रनगर, हणोगी माता, बगलामुखी पंडोह सहित नरोल देवियों के मंदिरों में भी नवरात्रों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। छोटी काशी के पंडित हीरा लाल के अनुसार 2 अप्रैल से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रों पर शनिवार सुबह 5:51 से सुबह 8:22 बजे तक कलश स्थापित करना अति शुभ है।
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कोरोना को लेकर सरकारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा। मंडी शहर के स्कूल बाजार स्थित माता काली चामुंडा मंदिर कमेटी के प्रधान सुंदरलाल, महाकाली माता पुरानी मंडी के गूर आयुष, भीमाकाली मंदिर के प्रधान पुष्पराज, देव सत बाला कामेश्वर मंदिर महाजन बाजार के गूर हेमराज आदि ने बताया कि इस बार कोरोना बंदिशों के हटने से लोगों में चैत्र नवरात्र को लेकर भारी उत्साह है। श्रद्धालुओं की ओर से मंदिरों में भंडारों और कीर्तन आयोजनों के लिए पहले ही अनुमति के लिए आवेदन किया है।
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मंदिरों में जातर और मेलों का भी आयोजन रहेगा। जिले के रिवालसर स्थित नैणा देवी, मुरारी देवी, महामाया और शीतला माता सुंदरनगर, हाटेश्वरी माता हटगढ़, कोयला माता राजगढ़, सिमसा माता लडभड़ोल, सक्रैणी माता धर्मपुर, चतुर्भुजा माता बसाही धार जोगिंद्रनगर, हणोगी माता, बगलामुखी पंडोह सहित नरोल देवियों के मंदिरों में भी नवरात्रों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। छोटी काशी के पंडित हीरा लाल के अनुसार 2 अप्रैल से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रों पर शनिवार सुबह 5:51 से सुबह 8:22 बजे तक कलश स्थापित करना अति शुभ है।
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