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Mandi News: चरस बरामदगी का अभियोग साबित न होने पर तीन बरी
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मंडी। चरस बरामद होने का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने एक मामले के तीन आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (एक) की अदालत ने हरियाणा के रोहतक जिले के कांसला (सांपला) निवासी विकास, महावीर सिंह और मंडी जिले की बालीचौकी तहसील के बसूट (थाची) निवासी टेक चंद को बरी किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सुंदरनगर के बीबीएमबी थाना पुलिस ने 6 जनवरी 2020 को नरेश चौक के पास पंजाब रोडवेज की बस को तलाशी के लिए रोका। पुलिस ने सीट नंबर 39 पर बैठे आरोपी विक्की की गोद में रखे एक शाॅल में से 1.222 किलो चरस बरामद की थी। पुलिस ने सीट नंबर 38 पर बैठे आरोपी महावीर सिंह को भी मामले में संलिप्त होने के कारण आरोपी विक्की सहित हिरासत में लिया था।
पुलिस तहकीकात में आरोपी टेक चंद की संलिप्तता पाए जाने पर उसे भी आरोपी बनाया गया था। अदालत ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में प्रस्तुत किए गए स्वतंत्र गवाह बस के चालक और परिचालक ने विरोधाभासी बयान दिए हैं। अदालत ने माना कि आरोपियों के खिलाफ चरस बरामदगी और इस अपराध में सहायक होने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित नहीं कर सका है। इसके चलते अदालत ने इस मामले के तीनों आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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अभियोजन पक्ष के अनुसार सुंदरनगर के बीबीएमबी थाना पुलिस ने 6 जनवरी 2020 को नरेश चौक के पास पंजाब रोडवेज की बस को तलाशी के लिए रोका। पुलिस ने सीट नंबर 39 पर बैठे आरोपी विक्की की गोद में रखे एक शाॅल में से 1.222 किलो चरस बरामद की थी। पुलिस ने सीट नंबर 38 पर बैठे आरोपी महावीर सिंह को भी मामले में संलिप्त होने के कारण आरोपी विक्की सहित हिरासत में लिया था।
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पुलिस तहकीकात में आरोपी टेक चंद की संलिप्तता पाए जाने पर उसे भी आरोपी बनाया गया था। अदालत ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में प्रस्तुत किए गए स्वतंत्र गवाह बस के चालक और परिचालक ने विरोधाभासी बयान दिए हैं। अदालत ने माना कि आरोपियों के खिलाफ चरस बरामदगी और इस अपराध में सहायक होने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित नहीं कर सका है। इसके चलते अदालत ने इस मामले के तीनों आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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