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Mandi News: जिले में 18,905 मामलों का मौके पर निपटारा
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18 बेंचों में बनी आपसी सहमति, 6.13 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि पर लगी मुहर
सुंदरनगर से करसोग तक अदालती चक्करों से मिली मुक्ति
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में सफल आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिले भर के विभिन्न न्यायालयों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने राहत और त्वरित न्याय की नई मिसाल पेश की है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अध्यक्ष एवं जिला व सत्र न्यायाधीश पारस डोगरा की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में मंडी मुख्यालय सहित करसोग, गोहर, सरकाघाट और सुंदरनगर उपमंडलों में कुल 18 विशेष बेंचों का गठन किया गया था। जुलाई और अगस्त माह में आयोजित प्री-लोक अदालत बैठकों की बदौलत विभिन्न मामलों को सुलझाने के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया जिससे आम जनता को बरसों पुराने अदालती चक्करों से मुक्ति मिल सकी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी के सचिव विवेक कायस्थ ने बताया कि इस अभियान के तहत मंडी जिले में सुनवाई के लिए कुल 22,430 मामले रखे गए थे। दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत और आपसी सहमति के आधार पर इनमें से रिकॉर्ड 18,905 मुकदमों का निपटारा किया गया। इन मामलों के निपटारे के दौरान कुल 6,13,46,323 रुपये की विशाल समझौता राशि तय की गई जिसके माध्यम से लोगों ने परस्पर विवादों को भुलाकर राहत की सांस ली।
इस लोक अदालत की सबसे खास बात यह रही कि इसमें बैंक, दीवानी (सिविल), आपराधिक शमनीय मामलों और ट्रैफिक चालान से जुड़े पेंडिंग मुकदमों को आपसी रजामंदी से सुलझाया गया। समय और पैसे दोनों की बचत होने से वादियों और प्रतिवादियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। न्याय प्रणाली को सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी का यह प्रयास बेहद सफल और जनहितैषी साबित हुआ है।
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सुंदरनगर से करसोग तक अदालती चक्करों से मिली मुक्ति
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में सफल आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिले भर के विभिन्न न्यायालयों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने राहत और त्वरित न्याय की नई मिसाल पेश की है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अध्यक्ष एवं जिला व सत्र न्यायाधीश पारस डोगरा की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में मंडी मुख्यालय सहित करसोग, गोहर, सरकाघाट और सुंदरनगर उपमंडलों में कुल 18 विशेष बेंचों का गठन किया गया था। जुलाई और अगस्त माह में आयोजित प्री-लोक अदालत बैठकों की बदौलत विभिन्न मामलों को सुलझाने के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया जिससे आम जनता को बरसों पुराने अदालती चक्करों से मुक्ति मिल सकी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी के सचिव विवेक कायस्थ ने बताया कि इस अभियान के तहत मंडी जिले में सुनवाई के लिए कुल 22,430 मामले रखे गए थे। दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत और आपसी सहमति के आधार पर इनमें से रिकॉर्ड 18,905 मुकदमों का निपटारा किया गया। इन मामलों के निपटारे के दौरान कुल 6,13,46,323 रुपये की विशाल समझौता राशि तय की गई जिसके माध्यम से लोगों ने परस्पर विवादों को भुलाकर राहत की सांस ली।
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इस लोक अदालत की सबसे खास बात यह रही कि इसमें बैंक, दीवानी (सिविल), आपराधिक शमनीय मामलों और ट्रैफिक चालान से जुड़े पेंडिंग मुकदमों को आपसी रजामंदी से सुलझाया गया। समय और पैसे दोनों की बचत होने से वादियों और प्रतिवादियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। न्याय प्रणाली को सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी का यह प्रयास बेहद सफल और जनहितैषी साबित हुआ है।
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