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Mandi News: रिवालसर में 2044 तक पेयजल की किल्लत नहीं होगी
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एनडीबी के सहयोग से 42.28 करोड़ से पेयजल योजना तैयार
36 गांवों के उपभोक्ताओं की आवश्यकता को देख बनाई योजना
विकास की बात
हिमा यादव
बग्गी (मंडी)। न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की आर्थिक सहायता और जल शक्ति विभाग के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश ग्रामीण पेयजल परियोजना के तहत लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के शुरू होने से क्षेत्र की 11 ग्राम पंचायतों के 36 गांवों में पेयजल समस्या अब अतीत की बात हो जाएगी। इस योजना पर 42.28 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इस योजना को वर्ष 2044 तक की संभावित आबादी (लगभग 21,132 लोग) की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए क्षेत्र में 3 नए ट्यूबवेल और 3 पंप हाउस स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा पहाड़ियों पर बसे घरों तक पानी पहुंचाने के लिए विभिन्न चरणों में पंपिंग मशीनरी और भंडारण टैंकों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया गया है।
इन पंचायतों को मिला सीधा लाभ
इस परियोजना के तहत बेहल, सैण, नटनेड, रयूर, समलोण, लोअर रिवालसर, बैरकोट, दशेहड़ा, हलयातर, कयूण और बैरी ग्राम पंचायतों को कवर किया गया है। पहले इन क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान पानी का संकट गंभीर हो जाता था और स्थानीय जल स्रोतों पर अत्यधिक दबाव रहता था।
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योजना के लागू होने से सबसे अधिक राहत महिलाओं को मिली है, जिन्हें अब पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता से क्षेत्र में जल-जनित बीमारियों के खतरे में भी कमी आने की संभावना है। साथ ही, परियोजना निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
नियमों का रखा गया पूरा ध्यान
जल शक्ति मंडल बग्गी के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार शर्मा के अनुसार पूरी परियोजना में एनडीबी के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों (पीपीई) और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया। योजना के तहत 1,242 घरों को कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं और पूरी प्रणाली को ऑटोमेशन सिस्टम से जोड़ा गया है।
बॉक्स
योजना पूरी तरह तैयार हो चुकी है। चिह्नित कई गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है और शेष गांवों को भी शीघ्र ही इस योजना के तहत पेयजल उपलब्ध करा दिया जाएगा। -डॉ. धर्मेंद्र गिल, प्रमुख अभियंता (प्रोजेक्ट), जल शक्ति विभाग
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36 गांवों के उपभोक्ताओं की आवश्यकता को देख बनाई योजना
विकास की बात
हिमा यादव
बग्गी (मंडी)। न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की आर्थिक सहायता और जल शक्ति विभाग के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश ग्रामीण पेयजल परियोजना के तहत लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के शुरू होने से क्षेत्र की 11 ग्राम पंचायतों के 36 गांवों में पेयजल समस्या अब अतीत की बात हो जाएगी। इस योजना पर 42.28 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इस योजना को वर्ष 2044 तक की संभावित आबादी (लगभग 21,132 लोग) की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए क्षेत्र में 3 नए ट्यूबवेल और 3 पंप हाउस स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा पहाड़ियों पर बसे घरों तक पानी पहुंचाने के लिए विभिन्न चरणों में पंपिंग मशीनरी और भंडारण टैंकों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया गया है।
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इन पंचायतों को मिला सीधा लाभ
इस परियोजना के तहत बेहल, सैण, नटनेड, रयूर, समलोण, लोअर रिवालसर, बैरकोट, दशेहड़ा, हलयातर, कयूण और बैरी ग्राम पंचायतों को कवर किया गया है। पहले इन क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान पानी का संकट गंभीर हो जाता था और स्थानीय जल स्रोतों पर अत्यधिक दबाव रहता था।
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योजना के लागू होने से सबसे अधिक राहत महिलाओं को मिली है, जिन्हें अब पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता से क्षेत्र में जल-जनित बीमारियों के खतरे में भी कमी आने की संभावना है। साथ ही, परियोजना निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
नियमों का रखा गया पूरा ध्यान
जल शक्ति मंडल बग्गी के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार शर्मा के अनुसार पूरी परियोजना में एनडीबी के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों (पीपीई) और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया। योजना के तहत 1,242 घरों को कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं और पूरी प्रणाली को ऑटोमेशन सिस्टम से जोड़ा गया है।
बॉक्स
योजना पूरी तरह तैयार हो चुकी है। चिह्नित कई गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है और शेष गांवों को भी शीघ्र ही इस योजना के तहत पेयजल उपलब्ध करा दिया जाएगा। -डॉ. धर्मेंद्र गिल, प्रमुख अभियंता (प्रोजेक्ट), जल शक्ति विभाग