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Mandi News: पहाड़ी गाय का दुग्ध उत्पादन सात से आठ लीटर तक पहुंचा
Sat, 29 Mar 2025 05:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 29 Mar 2025 05:33 AM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सुंदरनगर ने पांच साल के अनुसंधान के बाद पहाड़ी गाय की दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल की है। साहीवाल और गिर नस्ल के साथ सफल क्रॉस ब्रीडिंग से दूध उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। अब पहाड़ी गाय भी सात से आठ लीटर दूध देने लगी है।
पहले पहाड़ी गाय सिर्फ 1-1.5 लीटर दूध देती थी, लेकिन क्रॉस ब्रीडिंग के बाद इसकी उत्पादकता साहीवाल के समान हो गई है। केवीके के वैज्ञानिकों की मेहनत से अब पहाड़ी गाय साहीवाल और गिर नस्ल की गाय के बराबर हो गई है। केवीके ने पहले पहाड़ी गाय को साहीवाल से क्रॉस करवाया, जिससे जन्मी बछड़ी में साहीवाल के गुण और आकार के साथ बेहतर दुग्ध उत्पादन देखने को मिला। इसके बाद गिर नस्ल के साथ क्रॉस ब्रीडिंग कर तीसरी पीढ़ी में और भी बेहतर परिणाम मिले हैं। इस क्रॉस ब्रीड के बाद पहाड़ी गाय सात से आठ लीटर दूध दे रही है।
पिछले पांच साल से इस क्रॉस ब्रीड पर अनुसंधान किया जा रहा था। यह अनुसंधान पशुपालकों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा और दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ उनकी आमदनी में भी इजाफा करेगा।
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-डॉ. पंकज सूद, प्रभारी, केवीके सुंदरनगर
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पहले पहाड़ी गाय सिर्फ 1-1.5 लीटर दूध देती थी, लेकिन क्रॉस ब्रीडिंग के बाद इसकी उत्पादकता साहीवाल के समान हो गई है। केवीके के वैज्ञानिकों की मेहनत से अब पहाड़ी गाय साहीवाल और गिर नस्ल की गाय के बराबर हो गई है। केवीके ने पहले पहाड़ी गाय को साहीवाल से क्रॉस करवाया, जिससे जन्मी बछड़ी में साहीवाल के गुण और आकार के साथ बेहतर दुग्ध उत्पादन देखने को मिला। इसके बाद गिर नस्ल के साथ क्रॉस ब्रीडिंग कर तीसरी पीढ़ी में और भी बेहतर परिणाम मिले हैं। इस क्रॉस ब्रीड के बाद पहाड़ी गाय सात से आठ लीटर दूध दे रही है।
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पिछले पांच साल से इस क्रॉस ब्रीड पर अनुसंधान किया जा रहा था। यह अनुसंधान पशुपालकों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा और दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ उनकी आमदनी में भी इजाफा करेगा।
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-डॉ. पंकज सूद, प्रभारी, केवीके सुंदरनगर