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सरकार ने अभी तक नहीं दिया छठा वेतनमान
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मंडी। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को वर्ष 2016 से दिया जाने वाला छठा वेतनमान और महंगाई भत्ता अभी तक नहीं दिया है। यह बात हिमाचल प्रदेश मिनिस्ट्रीयल सर्विस यूनियन के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष बालकृष्ण कपूर और गैर शिक्षक कर्मचारी यूनियन के पूर्व महासचिव दीप राम शर्मा ने कही। उन्होंने भाजपा को अधिकारियों की कठपुतली बताया। पूर्व नेताओं ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि वे अनदेखी का उपचुनाव में बदला लेंगे।
सरकारें महंगाई भत्ता केंद्र की तर्ज पर देती आई हैं, उसे भी बहुत कम कर दिया है। कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र की तर्ज पर 11 प्रतिशत की जगह 6 प्रतिशत डीए की घोषणा की गई। अधिकारियों ने अपने लिए 11 प्रतिशत की घोषणा करवा ली, जिसे कर्मचारियों के दबाव में वापस लेना पड़ा।
आज से पहले भी सभी सरकारें कर्मचारियों को सरकारी उचित मूल्यों की दुकानों में सस्ता राशन देती रही हैं। कभी भी कोई शर्त नहीं लगी। जयराम सरकार पहली सरकार है जिसने ईमानदारी से आयकर देने वाले कर्मचारियों/पेंशनरों को इस सुविधा से महरूम कर दिया। आशा वर्कर, सिलाई-कढ़ाई अध्यापिकाओं के लिए सरकार ने अभी तक कोई नीति नहीं बनाई। मिड-डे मील, मनरेगा मजदूर को जो कुछ मिला वह वीरभद्र सिंह के समय में ही मिला। अनुबंध कर्मचारियों का अनुबंध काल भी तीन वर्ष से दो वर्ष करने का जयराम सरकार ने वादा किया था लेकिन अभी तक यह भी नहीं हो पाया है।
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महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। तेल, पेट्रोल के दाम रोज बढ़ रहे हैं। खाने पीने की चीजों के साथ गैस सिलिंडर भी 1000 रुपये का हो गया है। गैर शिक्षक कर्मचारी यूनियन के पूर्व महासचिव दीप राम शर्मा ने भाजपा को अधिकारियों की कठपुतली बताया। संवाद
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सरकारें महंगाई भत्ता केंद्र की तर्ज पर देती आई हैं, उसे भी बहुत कम कर दिया है। कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र की तर्ज पर 11 प्रतिशत की जगह 6 प्रतिशत डीए की घोषणा की गई। अधिकारियों ने अपने लिए 11 प्रतिशत की घोषणा करवा ली, जिसे कर्मचारियों के दबाव में वापस लेना पड़ा।
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आज से पहले भी सभी सरकारें कर्मचारियों को सरकारी उचित मूल्यों की दुकानों में सस्ता राशन देती रही हैं। कभी भी कोई शर्त नहीं लगी। जयराम सरकार पहली सरकार है जिसने ईमानदारी से आयकर देने वाले कर्मचारियों/पेंशनरों को इस सुविधा से महरूम कर दिया। आशा वर्कर, सिलाई-कढ़ाई अध्यापिकाओं के लिए सरकार ने अभी तक कोई नीति नहीं बनाई। मिड-डे मील, मनरेगा मजदूर को जो कुछ मिला वह वीरभद्र सिंह के समय में ही मिला। अनुबंध कर्मचारियों का अनुबंध काल भी तीन वर्ष से दो वर्ष करने का जयराम सरकार ने वादा किया था लेकिन अभी तक यह भी नहीं हो पाया है।
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महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। तेल, पेट्रोल के दाम रोज बढ़ रहे हैं। खाने पीने की चीजों के साथ गैस सिलिंडर भी 1000 रुपये का हो गया है। गैर शिक्षक कर्मचारी यूनियन के पूर्व महासचिव दीप राम शर्मा ने भाजपा को अधिकारियों की कठपुतली बताया। संवाद