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Mandi News: टांडू में फोरलेन के डंगे की नींव धंसी, बढ़ा खतरा
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बिजणी-पधर प्रोजेक्ट के तहत टांडू बाईपास में धंसी डंगे की नींव। स्त्रोत- जागरूक पाठक
मंडी। बिजणी-पधर फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत निर्माणाधीन टांडू बाईपास में डंगे की नींव धंस गई। इससे डंगा भी धंस गया। एनएचएआई इसे सेटलमेंट बता रहा है और कंपनी ही इसे दुरुस्त करेगी। मौजूदा स्थिति से स्थानीय ग्रामीणों में भय है।
बिजणी-पधर फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत टांडू बाईपास पर अभी तक वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हुई। डंगे की नींव धंसने से ग्रामीण सकते में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात से पहले ही यह हाल है तो बाद में क्या हालात होंगे। जानकारी के अनुसार तीन-चार दिन पहले डंगे की नींव धंस गई। इससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय अमन गुलेरिया ने बताया कि यहां बिना किसी जांच पड़ताल के ही एनएच निकाल दिया। नींव धंसने से डंगा बैठ गया है। ऐसे में समय रहते उचित कदम उठाए जाने चाहिए। बताया कि निर्माता कंपनी सुध नहीं ले रही है और इसे फिर से इसी तरह भरने की तैयारी की जा रही है।
उधर, एनएचएआई के परियोजना निदेशक मंडी इकाई वरुण चारी ने बताया कि मामला ध्यान में आया है। कंपनी प्रबंधन को इसे दुरुस्त करने के लिए पत्राचार किया है। उन्होंने साफ किया है कि यह धंसाव नहीं बल्कि सेटलमेंट हुई है। बताया कि कई तरह से सेटलमेंट होती है। यह भी सेटलमेंट का ही हिस्सा है। घबराने जैसा कुछ नहीं है। यह सामान्य है। कंपनी अपने स्तर पर सब ठीक करेगी।
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बिजणी-पधर फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत टांडू बाईपास पर अभी तक वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हुई। डंगे की नींव धंसने से ग्रामीण सकते में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात से पहले ही यह हाल है तो बाद में क्या हालात होंगे। जानकारी के अनुसार तीन-चार दिन पहले डंगे की नींव धंस गई। इससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय अमन गुलेरिया ने बताया कि यहां बिना किसी जांच पड़ताल के ही एनएच निकाल दिया। नींव धंसने से डंगा बैठ गया है। ऐसे में समय रहते उचित कदम उठाए जाने चाहिए। बताया कि निर्माता कंपनी सुध नहीं ले रही है और इसे फिर से इसी तरह भरने की तैयारी की जा रही है।
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उधर, एनएचएआई के परियोजना निदेशक मंडी इकाई वरुण चारी ने बताया कि मामला ध्यान में आया है। कंपनी प्रबंधन को इसे दुरुस्त करने के लिए पत्राचार किया है। उन्होंने साफ किया है कि यह धंसाव नहीं बल्कि सेटलमेंट हुई है। बताया कि कई तरह से सेटलमेंट होती है। यह भी सेटलमेंट का ही हिस्सा है। घबराने जैसा कुछ नहीं है। यह सामान्य है। कंपनी अपने स्तर पर सब ठीक करेगी।
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