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Mandi News: दफ्तरों में घूमती रही फाइल, दुकान पर गिरा पेड़
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चौंतड़ा (मंडी)। खतरनाक पेड़ काटने की मंजूरी के लिए फाइल करीब एक साल तक दफ्तरों में घूमती रही लेकिन पेड़ नहीं कट सका। आखिरकार रविवार को यही सफेदे का पेड़ दुकान पर जा गिरा और 11 केवी बिजली लाइन को भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दुकान क्षतिग्रस्त होने के साथ चौंतड़ा क्षेत्र की बिजली करीब 15 घंटे ठप रही। प्रशासनिक लेटलतीफी से दुकानदार और विद्युत बोर्ड को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर चौंतड़ा के पास पसल गांव में हुए इस हादसे में होशियार सिंह की दुकान को काफी नुकसान पहुंचा है। पेड़ गिरने के कारण 11 केवी बिजली की मुख्य लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे पूरे चौंतड़ा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू किया और करीब 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी।
दुकान मालिक होशियार सिंह का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब उनकी दुकान को पेड़ से नुकसान हुआ हो। वर्ष 2022 में भी इसी दुकान पर पेड़ गिरने से भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद उन्होंने खतरनाक पेड़ों को हटाने के लिए एसडीएम को लिखित शिकायत दी थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
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होशियार सिंह का कहना है कि वर्ष 2025 में एसडीएम जोगिंद्रनगर के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान तीन पेड़ों को दुकान और बिजली लाइन के लिए खतरनाक घोषित किया गया था। इसके बाद पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन करीब एक साल बीतने के बाद भी मंजूरी नहीं मिल पाई। विद्युत उपमंडल चौंतड़ा के सहायक अभियंता अशोक कपूर ने बताया कि घटना में विद्युत बोर्ड को करीब 15 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी है।
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मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर चौंतड़ा के पास पसल गांव में हुए इस हादसे में होशियार सिंह की दुकान को काफी नुकसान पहुंचा है। पेड़ गिरने के कारण 11 केवी बिजली की मुख्य लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे पूरे चौंतड़ा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू किया और करीब 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी।
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दुकान मालिक होशियार सिंह का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब उनकी दुकान को पेड़ से नुकसान हुआ हो। वर्ष 2022 में भी इसी दुकान पर पेड़ गिरने से भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद उन्होंने खतरनाक पेड़ों को हटाने के लिए एसडीएम को लिखित शिकायत दी थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
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होशियार सिंह का कहना है कि वर्ष 2025 में एसडीएम जोगिंद्रनगर के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान तीन पेड़ों को दुकान और बिजली लाइन के लिए खतरनाक घोषित किया गया था। इसके बाद पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन करीब एक साल बीतने के बाद भी मंजूरी नहीं मिल पाई। विद्युत उपमंडल चौंतड़ा के सहायक अभियंता अशोक कपूर ने बताया कि घटना में विद्युत बोर्ड को करीब 15 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी है।