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Mandi News: कामयाबी पर बोलीं तरुणा - मेहनत से जिंदगी में मिलता है बड़ा मुकाम
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घर पहुंचने पर यूपीएससी उत्तीर्ण अभ्यर्थी तरुणा कमल का हुआ जोरदार स्वागत
मंडी जिले की बल्ह घाटी की रहने वाली हैं, पिता हैं सफाई ठेकेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। बल्ह घाटी की बेटी तरुणा कमल ने संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की परीक्षा पहले ही झटके में 203वां रैंक लेकर पास की। बुधवार को तरुणा चंडीगढ से अपने घर रत्ती पहुंचीं। घर पहुंचने पर तरुणा का परिजनों, रिश्तदारों और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। तरुणा के पिता नगर परिषद में सफाई ठेकेदार हैं, जबकि माता नोर्मा देवी गृहिणी हैं।
तरुणा ढ़ाई साल से चंडीगढ़ में यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। तरुणा कमल ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई मॉडर्न पब्लिक स्कूल रत्ती से की है। इसके बाद तरुणा ने वेटरनरी डॉक्टर की ट्रेनिंग पूरी करने बाद चंडीगढ़ में कोचिंग लेकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। तरुणा ने बताया कि इस यूपीएससी की तैयारी करते समय शुरू में मेडिकल की पढ़ाई बाधा भी बनी, लेकिन माता-पिता व परिजनों का परीक्षा की तैयारी में पूरा सहयोग रहा। इस कारण वे आज इस मुकाम को हासिल कर पाईं। बताया कि गांव की लड़कियां आगे बढ़ने और बाहर निकलने से घबराती हैं। लड़कियों को अपना सपना पूरा करने के लिए एक पहल करना जरूरी है। अपनी वेटरनरी डॉक्टर की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कुछ बड़ा करने की ठानी और तैयारी शुरू कर दी। तरुणा ने बताया कि बड़ी सफलता पाने के लिए परिश्रम ही एक मात्र माध्यम है। शॉर्टकट माध्यम से बड़ी कामयाबी हासिल नहीं की जा सकती है। इस मौके पर अपनी लाडली की कामयाबी से परिजन भी गदगद नजर आए। माता नोर्मा देवी और दादा हेम सिंह कमल ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थी और बड़ा अधिकारी बनना चाहती थी।
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मंडी जिले की बल्ह घाटी की रहने वाली हैं, पिता हैं सफाई ठेकेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। बल्ह घाटी की बेटी तरुणा कमल ने संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की परीक्षा पहले ही झटके में 203वां रैंक लेकर पास की। बुधवार को तरुणा चंडीगढ से अपने घर रत्ती पहुंचीं। घर पहुंचने पर तरुणा का परिजनों, रिश्तदारों और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। तरुणा के पिता नगर परिषद में सफाई ठेकेदार हैं, जबकि माता नोर्मा देवी गृहिणी हैं।
तरुणा ढ़ाई साल से चंडीगढ़ में यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। तरुणा कमल ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई मॉडर्न पब्लिक स्कूल रत्ती से की है। इसके बाद तरुणा ने वेटरनरी डॉक्टर की ट्रेनिंग पूरी करने बाद चंडीगढ़ में कोचिंग लेकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। तरुणा ने बताया कि इस यूपीएससी की तैयारी करते समय शुरू में मेडिकल की पढ़ाई बाधा भी बनी, लेकिन माता-पिता व परिजनों का परीक्षा की तैयारी में पूरा सहयोग रहा। इस कारण वे आज इस मुकाम को हासिल कर पाईं। बताया कि गांव की लड़कियां आगे बढ़ने और बाहर निकलने से घबराती हैं। लड़कियों को अपना सपना पूरा करने के लिए एक पहल करना जरूरी है। अपनी वेटरनरी डॉक्टर की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कुछ बड़ा करने की ठानी और तैयारी शुरू कर दी। तरुणा ने बताया कि बड़ी सफलता पाने के लिए परिश्रम ही एक मात्र माध्यम है। शॉर्टकट माध्यम से बड़ी कामयाबी हासिल नहीं की जा सकती है। इस मौके पर अपनी लाडली की कामयाबी से परिजन भी गदगद नजर आए। माता नोर्मा देवी और दादा हेम सिंह कमल ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थी और बड़ा अधिकारी बनना चाहती थी।
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