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कई दुकानों में मिठाई के उत्पादन और एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं
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मंडी। अधिकांश छोटे मिठाई विक्रेता त्योहारी सीजन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत गली कूचे की दुकानों में मिठाई के उत्पादन और एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं की जा रही है। ऐसी दुकानों की मिठाई में मिलावट की आशंका रहती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर मिठाइयों का निरीक्षण करता है। कई छोटे दुकानदार एक्ट से वाकिफ नहीं हैं। बता दें कि फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड आथोरिटी ऑफ इंडिया ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत दुकानों में रखी मिठाइयों पर बनाने और एक्सपायरी तिथि अंकित होना अनिवार्य है।
शहर में यह हालात
शहर के कुछ विक्रेताओं को छोड़ कर अधिकतर विक्रेता इन नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। शहर के पॉल स्वीट्स, मनपसंद स्वीट्स, चंद्रलोक, मनोहर स्वीट्स सहित अन्य बड़ी मिठाई की दुकानों पर सजाई मिठाइयों पर उनके बनने और एक्सपायरी की तिथि के साथ रेट लिस्ट भी लगाई गई है। जबकि भूतनाथ गली, चंद्रलोक गली, समखेतर बाजार, अस्पताल मार्ग, रामनगर सहित अन्य छोटी मिठाई की दुकानों पर रेट लिस्ट व उत्पादन की तिथि अंकित नहीं की गई है।
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जुर्माने का प्रावधान
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण चौहान ने कहा कि त्योहारी सीजन को लेकर विभाग जिले में सैंपलिंग कर रहा है। मिठाई बनाने की तिथि और एक्सपायरी ना दर्शाने पर दुकान के मालिक पर कार्रवाई का प्रावधान है। मिठाई के सैंपल जांच में खराब पाए जाने पर छह माह या आजीवन कारावास तथा सब स्टैंडर्ड या मिसब्रांड पाए जाने पर 3 से 5 लाख रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है।
कौन सी मिठाई कितने समय में होती है खराब
- 1 दिन चलने वाली मिठाई: कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद,
- 2 दिन चलने वाली: दूध से तैयार मिठाइयां, मिल्क बादाम, रसगुल्ला, रबड़ी, रस मलाई, शाही टोस्ट, मलाई रोल, रस काटा
- 4 दिन चलने वाली: घेवर, तिल बुग्गा, कोकोनट लड्डू, मोतीचूर मोदक, खोया बादाम, फ्रूट केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बर्फी, बूंदी लड्डू
- 7 दिन चलने वाली: काजू कतली, मूंग बर्फी, ड्राई फ्रूट, काजू केसर बर्फी, बेसन बर्फी, बालूूूशाही
- 30 दिन चलने वाली मिठाइयां: आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बफी आदि।
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खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर मिठाइयों का निरीक्षण करता है। कई छोटे दुकानदार एक्ट से वाकिफ नहीं हैं। बता दें कि फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड आथोरिटी ऑफ इंडिया ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत दुकानों में रखी मिठाइयों पर बनाने और एक्सपायरी तिथि अंकित होना अनिवार्य है।
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शहर में यह हालात
शहर के कुछ विक्रेताओं को छोड़ कर अधिकतर विक्रेता इन नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। शहर के पॉल स्वीट्स, मनपसंद स्वीट्स, चंद्रलोक, मनोहर स्वीट्स सहित अन्य बड़ी मिठाई की दुकानों पर सजाई मिठाइयों पर उनके बनने और एक्सपायरी की तिथि के साथ रेट लिस्ट भी लगाई गई है। जबकि भूतनाथ गली, चंद्रलोक गली, समखेतर बाजार, अस्पताल मार्ग, रामनगर सहित अन्य छोटी मिठाई की दुकानों पर रेट लिस्ट व उत्पादन की तिथि अंकित नहीं की गई है।
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जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण चौहान ने कहा कि त्योहारी सीजन को लेकर विभाग जिले में सैंपलिंग कर रहा है। मिठाई बनाने की तिथि और एक्सपायरी ना दर्शाने पर दुकान के मालिक पर कार्रवाई का प्रावधान है। मिठाई के सैंपल जांच में खराब पाए जाने पर छह माह या आजीवन कारावास तथा सब स्टैंडर्ड या मिसब्रांड पाए जाने पर 3 से 5 लाख रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है।
कौन सी मिठाई कितने समय में होती है खराब
- 1 दिन चलने वाली मिठाई: कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद,
- 2 दिन चलने वाली: दूध से तैयार मिठाइयां, मिल्क बादाम, रसगुल्ला, रबड़ी, रस मलाई, शाही टोस्ट, मलाई रोल, रस काटा
- 4 दिन चलने वाली: घेवर, तिल बुग्गा, कोकोनट लड्डू, मोतीचूर मोदक, खोया बादाम, फ्रूट केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बर्फी, बूंदी लड्डू
- 7 दिन चलने वाली: काजू कतली, मूंग बर्फी, ड्राई फ्रूट, काजू केसर बर्फी, बेसन बर्फी, बालूूूशाही
- 30 दिन चलने वाली मिठाइयां: आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बफी आदि।