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Mandi News: फोरलेन प्रभावित लोगों की कंपनी के खिलाफ हड़ताल
Mon, 20 May 2024 07:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 20 May 2024 07:48 AM IST
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निर्माणाधीन पठानकोट मंडी फोरलेन के प्रभावित लोग मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए संवाद
पधर (मंडी)। निर्माणाधीन पठानकोट-मंडी फोरलेन पर नारला से मंडी तक पांचवें फेज के प्रभावित लोगों ने रविवार को मांगों को लेकर हड़ताल की। उन्होंने कंपनी पर रोजगार देने में स्थानीय लोगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कंपनी के प्लांट के सामने हड़ताल पर बैठ गए।
लोगों ने बताया कि पठानकोट-मंडी फोरलेन पर नारला से मंडी तक पांचवें फेज के कार्य में गाबर कंपनी की मनमाने और तानाशाही से तंग आकर मैगल और टांडू पंचायत के ग्रामीण धरने-प्रदर्शन पर बैठे हैं। फोरलेन समन्वय समिति अध्यक्ष विजेंद्र ठाकुर और महासचिव नवेंद्र गुलेरिया ने बताया कि कंपनी उनकी अनदेखी कर रही है और कंपनी ने 50 लोगों पर झूठी एफआईआर दर्ज कर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया है। आराेप लगाया कि एनएचआईए के कर्मचारी ने गाबर कंपनी के बाउंसरों से मिलकर पंचायत के प्रतिनिधियों से झगड़ा और अभद्र व्यवहार किया गया। इसकी शिकायत के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि पठानकोट-मंडी फोरलेन का निर्माण कार्य वर्तमान में पांच फेज में प्रस्तावित है।
कंपनी ने मैगल और साहल में दो प्लांट स्थापित किए हैं। इन प्लांटों में स्थानीय लोगों को रोजगार देने में अनदेखी की जा रही है। कंपनी ने निर्माण कार्य में बाहरी लोगों को तरजीह दी हुई है। विजेंद्र ठाकुर ने बताया कि आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गाबर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रेम सागर गोयल से मिला तो उन्होंने मांगों को सुनने से इंकार करते हुए धमकाया और कहा कि स्थानीय लोगों को काम पर नहीं लगाया जाएगा। विजेंद्र और गुलेरिया ने कहा कि प्रभावितों की मांगों को जब तक नहीं सुना जाता संघर्ष जारी रहेगा और कंपनी के काम को चलने नहीं दिया जाएगा।
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उधर, लोगों के प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। इसके बाद मामला शांत हुआ। थाना प्रभारी पधर अशोक कुमार ने बताया कि कंपनी ने कुछ स्थानीय लोगों पर काम प्रभावित करने का आरोप लगाया है। इसके आधार पर कुछ लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। कंपनी शुरुआती दौर में अभी प्लांट स्थापित कर रही है, फोरलेन का निर्माण प्रशासनिक मंजूरी के बाद शुरू होगा।
उधर, कंपनी के साइट इंचार्ज वीरेंद्र गांधी ने कहा कि स्थानीय लोगों कंपनी की हाई अथॉरिटी से रोजगार की मांग करें। लोगों की हड़ताल के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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लोगों ने बताया कि पठानकोट-मंडी फोरलेन पर नारला से मंडी तक पांचवें फेज के कार्य में गाबर कंपनी की मनमाने और तानाशाही से तंग आकर मैगल और टांडू पंचायत के ग्रामीण धरने-प्रदर्शन पर बैठे हैं। फोरलेन समन्वय समिति अध्यक्ष विजेंद्र ठाकुर और महासचिव नवेंद्र गुलेरिया ने बताया कि कंपनी उनकी अनदेखी कर रही है और कंपनी ने 50 लोगों पर झूठी एफआईआर दर्ज कर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया है। आराेप लगाया कि एनएचआईए के कर्मचारी ने गाबर कंपनी के बाउंसरों से मिलकर पंचायत के प्रतिनिधियों से झगड़ा और अभद्र व्यवहार किया गया। इसकी शिकायत के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि पठानकोट-मंडी फोरलेन का निर्माण कार्य वर्तमान में पांच फेज में प्रस्तावित है।
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कंपनी ने मैगल और साहल में दो प्लांट स्थापित किए हैं। इन प्लांटों में स्थानीय लोगों को रोजगार देने में अनदेखी की जा रही है। कंपनी ने निर्माण कार्य में बाहरी लोगों को तरजीह दी हुई है। विजेंद्र ठाकुर ने बताया कि आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गाबर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रेम सागर गोयल से मिला तो उन्होंने मांगों को सुनने से इंकार करते हुए धमकाया और कहा कि स्थानीय लोगों को काम पर नहीं लगाया जाएगा। विजेंद्र और गुलेरिया ने कहा कि प्रभावितों की मांगों को जब तक नहीं सुना जाता संघर्ष जारी रहेगा और कंपनी के काम को चलने नहीं दिया जाएगा।
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उधर, लोगों के प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। इसके बाद मामला शांत हुआ। थाना प्रभारी पधर अशोक कुमार ने बताया कि कंपनी ने कुछ स्थानीय लोगों पर काम प्रभावित करने का आरोप लगाया है। इसके आधार पर कुछ लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। कंपनी शुरुआती दौर में अभी प्लांट स्थापित कर रही है, फोरलेन का निर्माण प्रशासनिक मंजूरी के बाद शुरू होगा।
उधर, कंपनी के साइट इंचार्ज वीरेंद्र गांधी ने कहा कि स्थानीय लोगों कंपनी की हाई अथॉरिटी से रोजगार की मांग करें। लोगों की हड़ताल के बारे में कोई जानकारी नहीं है।