{"_id":"69c13c2fab10e7312a0d4f67","slug":"six-day-training-on-alternative-communication-begins-mandi-news-c-90-1-ssml1045-190187-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: वैकल्पिक संचार पर छह दिवसीय प्रशिक्षण शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: वैकल्पिक संचार पर छह दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
विज्ञापन
मंडी। सूबे में आपात स्थिति के बीच हैम रेडियो संचार का सहारा बनेगा। इसके लिए पांच जिलों के प्रतिभागियों को हैम रेडियो के बारे में टिप्स दिए जा रहे हैं। आपातकालीन परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान संचार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से मंडी में सोमवार को हैम रेडियो के संबंध में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। शुभारंभ सत्र में उपायुक्त अपूर्व देवगन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जल शक्ति विभाग के राज्य प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यशाला में मंडी, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, कुल्लू और हमीरपुर जिलों से लगभग 70 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। आपदा के समय पारंपरिक संचार नेटवर्क अक्सर बाधित हो जाते हैं, ऐसे में हैम रेडियो एक विश्वसनीय वैकल्पिक माध्यम के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को हैम रेडियो के व्यावहारिक उपयोग और संचालन में दक्ष बनाकर आपातकालीन संचार प्रणाली को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में केंद्रीय संचार विभाग के सेवानिवृत्त डीडीजी वीके आर्य और दिल्ली हैम रेडियो संस्थान की सचिव कुसुम बतौर स्रोत व्यक्ति मौजूद रहे। वे प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी के साथ-साथ वास्तविक परिस्थितियों में संचार संचालन के कौशल भी सिखा रहे हैं। प्रारंभिक सत्र में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण और प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण समन्वयक नरेंद्र कैथ भी मौजूद रहे। प्रतिभागियों में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह रक्षक वाहिनी, अग्निशमन सेवाएं, पुलिस (सीटीएस), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, राजस्व विभाग, सामुदायिक रेडियो ऑपरेटर और आपदा मित्र स्वयंसेवक शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जल शक्ति विभाग के राज्य प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यशाला में मंडी, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, कुल्लू और हमीरपुर जिलों से लगभग 70 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। आपदा के समय पारंपरिक संचार नेटवर्क अक्सर बाधित हो जाते हैं, ऐसे में हैम रेडियो एक विश्वसनीय वैकल्पिक माध्यम के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को हैम रेडियो के व्यावहारिक उपयोग और संचालन में दक्ष बनाकर आपातकालीन संचार प्रणाली को मजबूत करना है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में केंद्रीय संचार विभाग के सेवानिवृत्त डीडीजी वीके आर्य और दिल्ली हैम रेडियो संस्थान की सचिव कुसुम बतौर स्रोत व्यक्ति मौजूद रहे। वे प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी के साथ-साथ वास्तविक परिस्थितियों में संचार संचालन के कौशल भी सिखा रहे हैं। प्रारंभिक सत्र में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण और प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण समन्वयक नरेंद्र कैथ भी मौजूद रहे। प्रतिभागियों में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह रक्षक वाहिनी, अग्निशमन सेवाएं, पुलिस (सीटीएस), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, राजस्व विभाग, सामुदायिक रेडियो ऑपरेटर और आपदा मित्र स्वयंसेवक शामिल हैं।
विज्ञापन