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बाल विवाह करवाने पर सेवा प्रदाताओं को हो सकती है दो साल की सजा : एसडीएम
Sat, 04 May 2024 12:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 04 May 2024 12:02 AM IST
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। एसडीएम जोगिंद्रनगर मनीश चौधरी ने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियिम, 2006 के तहत बाल विवाह करवाने पर सेवा प्रदाताओं को भी सजा हो सकती है। अधिनियम के तहत दो साल तक का कठोर कारावास या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों सजाएं हो सकती हैं। वह शुक्रवार को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह रोकथाम और जागरूकता को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जो कोई व्यक्ति बाल विवाह को बढ़ावा देता है या फिर इसका प्रचार करता है, तो ऐसा व्यक्ति भी बाल विवाह अधिनियम के तहत सजा का हकदार है। यदि कहीं पर भी बाल विवाह से जुड़ा कोई भी मामला लोगों के ध्यान में आता है तो वे इस संबंध में एसडीएम कार्यालय, सीडीपीओ कार्यालय या फिर संबंधित क्षेत्र की पुलिस को सूचना दे सकते हैं।
बैठक में सीडीपीओ चौंतड़ा बालक राम वर्मा, बीईईओ चौंतड़ा राजू राम, बीईईओ लडभड़ोल कांता देवी, एएसआई राम चंद, पंडित राकेश कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
बाल विवाह रोकने के लिए समाज में जागृति जरूरी
बल्ह (मंडी)। एसडीएम बल्ह विशाल शर्मा ने कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए समाज में जागृति लाने की जरूरत है। वह बाल विवाह को रोकने व बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने बताया कि बाल विवाह को रोकने व उसके कानूनी प्रावधानों के कार्यान्वयन के साथ-साथ समाज में जागृति लाने की जरूरत है। संवाद
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लोगों को अधिनियम के बारे में करें जागरुक : मोहन शर्मा
बालीचौकी (मंडी)। एसडीएम बालीचौकी मोहन शर्मा ने शुक्रवार को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत विभिन्न प्रावधानों को लेकर विभिन्न विभागों और संस्था के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने समाज के सभी लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के सभी प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, ताकि लाेगों में जागरूकता लाई जा सके। संवाद
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उन्होंने कहा कि जो कोई व्यक्ति बाल विवाह को बढ़ावा देता है या फिर इसका प्रचार करता है, तो ऐसा व्यक्ति भी बाल विवाह अधिनियम के तहत सजा का हकदार है। यदि कहीं पर भी बाल विवाह से जुड़ा कोई भी मामला लोगों के ध्यान में आता है तो वे इस संबंध में एसडीएम कार्यालय, सीडीपीओ कार्यालय या फिर संबंधित क्षेत्र की पुलिस को सूचना दे सकते हैं।
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बैठक में सीडीपीओ चौंतड़ा बालक राम वर्मा, बीईईओ चौंतड़ा राजू राम, बीईईओ लडभड़ोल कांता देवी, एएसआई राम चंद, पंडित राकेश कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
बाल विवाह रोकने के लिए समाज में जागृति जरूरी
बल्ह (मंडी)। एसडीएम बल्ह विशाल शर्मा ने कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए समाज में जागृति लाने की जरूरत है। वह बाल विवाह को रोकने व बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने बताया कि बाल विवाह को रोकने व उसके कानूनी प्रावधानों के कार्यान्वयन के साथ-साथ समाज में जागृति लाने की जरूरत है। संवाद
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लोगों को अधिनियम के बारे में करें जागरुक : मोहन शर्मा
बालीचौकी (मंडी)। एसडीएम बालीचौकी मोहन शर्मा ने शुक्रवार को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत विभिन्न प्रावधानों को लेकर विभिन्न विभागों और संस्था के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने समाज के सभी लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के सभी प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, ताकि लाेगों में जागरूकता लाई जा सके। संवाद