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पुश्तैनी कब्जों को नियमित करने की बनाई जाए नीति : मुनीष

Tue, 11 Feb 2025 04:32 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Feb 2025 04:32 PM IST
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Policy should be made to regularize ancestral occupations: Munish
ग्रामीणों ने तहसीलदार के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
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संवाद न्यूज एजेंसी

सरकाघाट (मंडी)। नबाही वार्ड के जिला परिषद सदस्य मुनीष शर्मा के नेतृत्व में मंगलवार को सरकाघाट क्षेत्र के लोगों ने तहसीलदार सरकाघाट के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह को एक ज्ञापन भेजा। इसमें मकानों और गोशालाओं की जमीन के पुश्तैनी कब्जों को उपयुक्त नीति बनाकर नियमित करने की मांग उठाई गई।
मुनीष ने कहा कि प्रदेश एवं सरकाघाट क्षेत्र के लोगों के मकान और गोशालाएं सरकारी और वन भूमि पर निर्मित हैं। उन छोटे कब्जों की भूमि को कब्जाधारकों के लिए नियमित किया जाए। इसके लिए एक नीति बनाकर समस्या का निवारण किया जाए। उन्होंने लोगों के बिजली, पानी के कनेक्शन काटने और मकानों और गोशालाओं को गिराने के आदेशों को स्थगित करने की भी मांग उठाई।
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कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने भी 20 बीघा और 10 बीघा तक जमीन कब्जाधारकों को नियमित करने के आश्वासन दिए थे परंतु मुद्दा हल नहीं हो पाया। वन संरक्षण अधिनियम की जटिलताओं के कारण प्रदेश के लाखों कब्जाधारकों के मकानों को खतरा बना हुआ है। इनमें अधिकतर गरीब, भूमिहीन और निम्न-मध्य वर्गीय परिवार हैं। केंद्र सरकार का यह कानून हिमाचल प्रदेश के हितों पर कुठाराघात करने वाला कानून साबित हुआ है।
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प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर उपयुक्त नीति के माध्यम से लाखों लोगों के आशियानों को बचाकर प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा करने की अपील की है। प्रतिनिधिमंडल में दलीप सिंह, अमर सिंह, जगरनाथ, मस्त राम, रूप लाल, चंद राम आदि मौजूद रहे। संवाद
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