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Mandi News: चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती से मरीजों को मिली राहत
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चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती से मरीजों को मिली राहत
नेरचौक और आईजीएमसी के चक्कर हुए बंद
मशीन से भी हटाए जा रहे कील-मुंहासे
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बाद त्वचा संबंधी मरीजों को बेहतर उपचार मिलने लगा है। अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में प्रतिदिन 80 से 100 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। पहले जहां मरीजों को उपचार के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी शिमला का रुख करना पड़ता था, अब जिला स्तर पर ही विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध होने से उन्हें राहत मिली है।
करीब पांच वर्ष पहले क्षेत्रीय अस्पताल से चर्म रोग विशेषज्ञों के तबादले के बाद यह पद लंबे समय तक रिक्त रहा। करीब चार माह पहले विशेषज्ञ के पदभार संभालने के बाद त्वचा रोगों का नियमित उपचार शुरू हुआ है। दाद, खाज, खुजली, एलर्जी और अन्य त्वचा रोगों के अलावा मशीन की सहायता से कील-मुंहासे भी हटाए जा रहे हैं।
मंडी शहर के नेला निवासी गुलशन कुमार, द्रंग की राजकुमारी, तल्याहड़ की आशा और पंडोह के पंकज सहित अन्य मरीजों ने बताया कि वे लंबे समय से त्वचा रोगों से परेशान थे। निजी अस्पतालों और अन्य संस्थानों से उपचार लेने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। क्षेत्रीय अस्पताल में उपचार शुरू होने के बाद उनकी स्थिति में सुधार आया है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बाद मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल रहा है।
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नेरचौक और आईजीएमसी के चक्कर हुए बंद
मशीन से भी हटाए जा रहे कील-मुंहासे
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बाद त्वचा संबंधी मरीजों को बेहतर उपचार मिलने लगा है। अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में प्रतिदिन 80 से 100 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। पहले जहां मरीजों को उपचार के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी शिमला का रुख करना पड़ता था, अब जिला स्तर पर ही विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध होने से उन्हें राहत मिली है।
करीब पांच वर्ष पहले क्षेत्रीय अस्पताल से चर्म रोग विशेषज्ञों के तबादले के बाद यह पद लंबे समय तक रिक्त रहा। करीब चार माह पहले विशेषज्ञ के पदभार संभालने के बाद त्वचा रोगों का नियमित उपचार शुरू हुआ है। दाद, खाज, खुजली, एलर्जी और अन्य त्वचा रोगों के अलावा मशीन की सहायता से कील-मुंहासे भी हटाए जा रहे हैं।
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मंडी शहर के नेला निवासी गुलशन कुमार, द्रंग की राजकुमारी, तल्याहड़ की आशा और पंडोह के पंकज सहित अन्य मरीजों ने बताया कि वे लंबे समय से त्वचा रोगों से परेशान थे। निजी अस्पतालों और अन्य संस्थानों से उपचार लेने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। क्षेत्रीय अस्पताल में उपचार शुरू होने के बाद उनकी स्थिति में सुधार आया है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बाद मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल रहा है।