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Mandi News: निर्माण पर रोक बरकरार, अपील खारिज
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बिना निशानदेही विवादित जमीन पर सीढ़ियां बनाने पर कोर्ट ने लगाई रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। चच्योट के नौ ग्रां में संयुक्त भूमि पर बिना निशानदेही और बंटवारे के निर्माण के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय मंडी ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने सुषमा देवी व अन्य की सिविल मिस्क अपील खारिज करते हुए विवादित भूमि की प्रकृति, निर्माण और कब्जे को लेकर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। धनीराम ने आरोप लगाया था कि सुषमा देवी ने बिना निशानदेही और बंटवारे के भूमि पर सीढ़ियों समेत निर्माण शुरू कर दिया। इससे पहले दोनों पक्षों में समझौता हुआ था, जिसमें निशानदेही होने तक निर्माण न करने पर सहमति बनी थी। अदालत ने राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पाया कि सुषमा देवी खसरा नंबर 367 में सह-हिस्सेदार हैं, जबकि विवादित भूमि के दूसरे हिस्से में उनका दर्ज सह-स्वामित्व नहीं है। अदालत ने यह भी पाया कि समझौते के बावजूद दोबारा निर्माण शुरू किया गया और भूमि की निशानदेही अब तक नहीं हुई है। अदालत ने कहा कि मामले में कई तथ्य विवादित हैं, जिनका अंतिम फैसला ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा। दोनों पक्षों को 29 सितंबर को ट्रायल कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। चच्योट के नौ ग्रां में संयुक्त भूमि पर बिना निशानदेही और बंटवारे के निर्माण के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय मंडी ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने सुषमा देवी व अन्य की सिविल मिस्क अपील खारिज करते हुए विवादित भूमि की प्रकृति, निर्माण और कब्जे को लेकर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। धनीराम ने आरोप लगाया था कि सुषमा देवी ने बिना निशानदेही और बंटवारे के भूमि पर सीढ़ियों समेत निर्माण शुरू कर दिया। इससे पहले दोनों पक्षों में समझौता हुआ था, जिसमें निशानदेही होने तक निर्माण न करने पर सहमति बनी थी। अदालत ने राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पाया कि सुषमा देवी खसरा नंबर 367 में सह-हिस्सेदार हैं, जबकि विवादित भूमि के दूसरे हिस्से में उनका दर्ज सह-स्वामित्व नहीं है। अदालत ने यह भी पाया कि समझौते के बावजूद दोबारा निर्माण शुरू किया गया और भूमि की निशानदेही अब तक नहीं हुई है। अदालत ने कहा कि मामले में कई तथ्य विवादित हैं, जिनका अंतिम फैसला ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा। दोनों पक्षों को 29 सितंबर को ट्रायल कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।