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Mandi News: पत्नी को छह, बेटे को पांच हजार रुपये गुजारा भत्ता देने के आदेश
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मंडी। प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट मंडी की अदालत ने मासिक भरण पोषण भत्ता की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए पत्नी को छह और नाबालिग बेटे को पांच हजार रुपये गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए। साथ ही मुकद्दमेबाज़ी खर्च के रूप में पांच हजार अतिरिक्त राशि देने के भी आदेश दिए।
मामले के तथ्यों के अनुसार मंडी शहर की युवती की शादी बिहार के युवक के साथ हुई थी। याचिका में महिला ने आरोप लगाया कि शादी के शुरुआती कुछ महीनों बाद ही पति और सास ने लगातार पैसों की मांग। मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना शुरू कर दी थी। दिसंबर 2022 में मारपीट के चलते उन्हें बेटे के साथ घर छोड़ना पड़ा। तब से वह किराए के मकान में बेटे की पढ़ाई के लिए रह रही हैं। याचिकाकर्ता महिला ने अदालत में तर्क दिया कि पति का एक लाख रुपये वेतन है। महिला ने 50 हजार रुपये प्रति माह गुजारा भत्ता देने की मांग अदालत के समक्ष की थी।
अदालत ने माना कि पत्नी के पास कोई आय का स्रोत नहीं है और वह बेटे की परवरिश एवं शिक्षा का सारा बोझ अकेले उठा रही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सक्षम पति अपनी पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण करने से पीछे नहीं हट सकता। ऐसे में अदालत ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए आदेश दिए। संवाद
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मामले के तथ्यों के अनुसार मंडी शहर की युवती की शादी बिहार के युवक के साथ हुई थी। याचिका में महिला ने आरोप लगाया कि शादी के शुरुआती कुछ महीनों बाद ही पति और सास ने लगातार पैसों की मांग। मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना शुरू कर दी थी। दिसंबर 2022 में मारपीट के चलते उन्हें बेटे के साथ घर छोड़ना पड़ा। तब से वह किराए के मकान में बेटे की पढ़ाई के लिए रह रही हैं। याचिकाकर्ता महिला ने अदालत में तर्क दिया कि पति का एक लाख रुपये वेतन है। महिला ने 50 हजार रुपये प्रति माह गुजारा भत्ता देने की मांग अदालत के समक्ष की थी।
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अदालत ने माना कि पत्नी के पास कोई आय का स्रोत नहीं है और वह बेटे की परवरिश एवं शिक्षा का सारा बोझ अकेले उठा रही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सक्षम पति अपनी पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण करने से पीछे नहीं हट सकता। ऐसे में अदालत ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए आदेश दिए। संवाद
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