{"_id":"5de7eb038ebc3e54fd32ee22","slug":"onion-mandi-news-sml3165445172","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्याज के दाम बढ़ने से लोग अब किलो के बजाए पाव में पूछ रहे भाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्याज के दाम बढ़ने से लोग अब किलो के बजाए पाव में पूछ रहे भाव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी/करसोग। प्याज बढ़ी कीमतों ने लोगों का जायका बिगाड़ दिया है। बुधवार को मंडी और करसोग समेत जिले भर में प्याज 80 से 100 रुपये किलो तक बिका। प्याज महंगा होने के चलते लोग अब प्याज को अपनी रसोई से दूर करने लगे हैं। वहीं, बाजार में भी किलो की खरीदारी करने वाले उपभोक्ता पाव में प्याज खरीदने लगे हैं। वहीं, स्थानीय निवासी राजकुमार, श्याम लाल, संजय कुमार, मीना देवी, कौशल्या, सपना, लता, हिमा देेवी सहित अन्य लोगों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में जहां खान पान की चीजें महंगी हुई हैं वहीं हर रोज रसोई में इस्तेमाल होने वाले प्याज से लोग तौबा करने लगे हैं। प्याज की जगह अब अदरक और पत्ता गोभी से काम चलाया जा रहा है। लेकिन, अदरक सौ रुपये और पत्ता गोभी के दाम भी चालीस रुपये किलो चल रहे हैं। प्याज महंगा होने के चलते अधिकांश प्याज खराब निकल रहा है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि सर्दी के मौसम को देखते हुए प्याज के दामों में कमी की जाए, जिससे प्याज आम आदमी की पहुंच में आ सके।
कीमतें कम होने के आसार नहीं
कारोबारियों की मानें तो आने वाले दिनों में प्याज की कीमत कम होने के आसार नहीं है। लोगों की आम धारणा है कि प्याज को स्टोर किया गया है, जबकि कीमतें बढ़ने का कारण महाराष्ट्र सहित गुजरात और कर्नाटक में हुई बेमौसमी बरसात है। स्थिति यह है कि नासिक का कारोबारी अब प्याज खरीदने दिल्ली बैठ गया है। आढ़तियों का यह भी तर्क है कि अफगानिस्तान के प्याज से कीमतों में जरूर कमी आ सकती थी, लेकिन यह प्याज साइज में मोटा और बेरंग होता है। इसलिए ऐसे देश की मंडियों में पसंद नहीं किया जाता।
कीमत पर लगाम लगाए सरकार : भगतराम
करसोग के कारोबारी भगतराम शर्मा का कहना है कि कीमतें बढ़ने से प्याज की लागत घट गई है। उनका कहना है कि जो लोग एक किलो प्याज खरीदते थे, वे अब ढाई सौ ग्राम प्याज ही लेकर जा रहे हैं। ग्राहक यशवंत ठाकुर का कहना है कि प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। करसोग की बात करें तो यहां हालात खराब है। सरकार को चाहिए कि इसके रेट कम किए जाएं। उन्होंने कहा कि अब प्याज के पीछे दंपतियों में झगड़े हो रहे हैं। रिंकू का कहना है कि प्याज के रेट अधिक हैं। आम आदमी इसे नहीं खरीद सकता है। सरकार को चाहिए कि इसकी कीमतों पर लगाम लगाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कीमतें कम होने के आसार नहीं
कारोबारियों की मानें तो आने वाले दिनों में प्याज की कीमत कम होने के आसार नहीं है। लोगों की आम धारणा है कि प्याज को स्टोर किया गया है, जबकि कीमतें बढ़ने का कारण महाराष्ट्र सहित गुजरात और कर्नाटक में हुई बेमौसमी बरसात है। स्थिति यह है कि नासिक का कारोबारी अब प्याज खरीदने दिल्ली बैठ गया है। आढ़तियों का यह भी तर्क है कि अफगानिस्तान के प्याज से कीमतों में जरूर कमी आ सकती थी, लेकिन यह प्याज साइज में मोटा और बेरंग होता है। इसलिए ऐसे देश की मंडियों में पसंद नहीं किया जाता।
विज्ञापन
कीमत पर लगाम लगाए सरकार : भगतराम
करसोग के कारोबारी भगतराम शर्मा का कहना है कि कीमतें बढ़ने से प्याज की लागत घट गई है। उनका कहना है कि जो लोग एक किलो प्याज खरीदते थे, वे अब ढाई सौ ग्राम प्याज ही लेकर जा रहे हैं। ग्राहक यशवंत ठाकुर का कहना है कि प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। करसोग की बात करें तो यहां हालात खराब है। सरकार को चाहिए कि इसके रेट कम किए जाएं। उन्होंने कहा कि अब प्याज के पीछे दंपतियों में झगड़े हो रहे हैं। रिंकू का कहना है कि प्याज के रेट अधिक हैं। आम आदमी इसे नहीं खरीद सकता है। सरकार को चाहिए कि इसकी कीमतों पर लगाम लगाई जाए।
विज्ञापन