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Mandi News: अब इंटरनेट ब्राउजिंग के जरिए ठगी कर रहे जालसाज
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सूबे में दो साल में 4465 शिकायतें हुईं दर्ज, नकली वेबसाइटों से चूना लगा रहे शातिर
सुरक्षित इंटरनेट को लेकर राज्य अपराध अन्वेषण विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
..............................
डिजिटल पर भी चला दें
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। जालसाजों ने ठगी करने का नया तरीका ढूंढ लिया है। जालसाज अब इंटरनेट ब्राउजिंग के माध्यम से अपने जाल में फंसा रहे हैं। इससे साइबर अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। जालसाज नकली वेबसाइटों, फिशिंग लिंक, दुर्भावनापूर्ण पॉप-अप और जालसाजी के जरिए लोगों को आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (साइबर अपराध), हिमाचल प्रदेश की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी 2024 से मई 2025 तक इंटरनेट ब्राउजिंग की कुल 4465 शिकायतें टोल फ्री नंबर 1930 पर प्राप्त हुई हैं। इनमें वर्ष 2024 में 3261 और 2025 में 1204 शिकायतें हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य अपराध अन्वेषण विभाग ने साइबर सुरक्षा के प्रति दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
1 वेबसाइट सुरक्षा की जांच करें
यूआरएल निरीक्षण : सुनिश्चित करें कि वेबसाइट https:// से शुरू हो तथा किसी भी टाइपो (जैसे g00gle.com) से सतर्क रहें। यह फिशिंग का संकेत हो सकते हैं।
क्लिक से पहले होवर करें : कंप्यूटर पर किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उस पर माउस होवर करके उसके वास्तविक गंतव्य की जांच करें।
गुगल सेफ ब्राउजिंग : किसी वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचने के लिए Google Safe Browsing टूल का प्रयोग करें।
2. उन्नत सुरक्षा जांच :
साइट की प्रतिष्ठा जांचें : संदिग्ध वेबसाइटों को वायरस टोटल VirusTotal जैसी सेवाओं से स्कैन करें।
प्रमाणपत्र सत्यापन : वेबसाइट के एसएसएल प्रमाणपत्र की वैधता देखने के लिए ब्राउजर के एड्रेस बार में दिख रहे पैडलॉक आइकन पर क्लिक करें। अमान्य या समाप्त प्रमाणपत्र खतरे का संकेत हो सकते हैं।
वेबसाइट व्यवहार पर नजर : अचानक पॉप-अप, जबरन डाउनलोड या अत्यधिक रीडायरेक्ट होना संदेहास्पद हो सकता है।
3. ब्राउजर सुरक्षा को मज़बूत करें :
Chrome उपयोगकर्ता : सेटिंग्स, गोपनीयता और सुरक्षा, सुरक्षित ब्राउज़िंग > उन्नत सुरक्षा को सक्रिय करें।
Edge उपयोगकर्ता : Microsoft Defender SmartScreen को चालू रखें (सेटिंग्स > गोपनीयता, खोज और सेवाएं)।
नियमित रखरखाव : कुकीज और कैशे को समय-समय पर ब्राउज़र सेटिंग्स या CCleaner जैसे टूल के ज़रिए साफ करें।
.....
सभी नागरिक दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
-मोहित चावला, डीआईजी, साइबर क्राइम
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सुरक्षित इंटरनेट को लेकर राज्य अपराध अन्वेषण विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
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डिजिटल पर भी चला दें
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। जालसाजों ने ठगी करने का नया तरीका ढूंढ लिया है। जालसाज अब इंटरनेट ब्राउजिंग के माध्यम से अपने जाल में फंसा रहे हैं। इससे साइबर अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। जालसाज नकली वेबसाइटों, फिशिंग लिंक, दुर्भावनापूर्ण पॉप-अप और जालसाजी के जरिए लोगों को आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (साइबर अपराध), हिमाचल प्रदेश की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी 2024 से मई 2025 तक इंटरनेट ब्राउजिंग की कुल 4465 शिकायतें टोल फ्री नंबर 1930 पर प्राप्त हुई हैं। इनमें वर्ष 2024 में 3261 और 2025 में 1204 शिकायतें हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य अपराध अन्वेषण विभाग ने साइबर सुरक्षा के प्रति दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
1 वेबसाइट सुरक्षा की जांच करें
यूआरएल निरीक्षण : सुनिश्चित करें कि वेबसाइट https:// से शुरू हो तथा किसी भी टाइपो (जैसे g00gle.com) से सतर्क रहें। यह फिशिंग का संकेत हो सकते हैं।
क्लिक से पहले होवर करें : कंप्यूटर पर किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उस पर माउस होवर करके उसके वास्तविक गंतव्य की जांच करें।
गुगल सेफ ब्राउजिंग : किसी वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचने के लिए Google Safe Browsing टूल का प्रयोग करें।
2. उन्नत सुरक्षा जांच :
साइट की प्रतिष्ठा जांचें : संदिग्ध वेबसाइटों को वायरस टोटल VirusTotal जैसी सेवाओं से स्कैन करें।
प्रमाणपत्र सत्यापन : वेबसाइट के एसएसएल प्रमाणपत्र की वैधता देखने के लिए ब्राउजर के एड्रेस बार में दिख रहे पैडलॉक आइकन पर क्लिक करें। अमान्य या समाप्त प्रमाणपत्र खतरे का संकेत हो सकते हैं।
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वेबसाइट व्यवहार पर नजर : अचानक पॉप-अप, जबरन डाउनलोड या अत्यधिक रीडायरेक्ट होना संदेहास्पद हो सकता है।
3. ब्राउजर सुरक्षा को मज़बूत करें :
Chrome उपयोगकर्ता : सेटिंग्स, गोपनीयता और सुरक्षा, सुरक्षित ब्राउज़िंग >
Edge उपयोगकर्ता : Microsoft Defender SmartScreen को चालू रखें (सेटिंग्स >
नियमित रखरखाव : कुकीज और कैशे को समय-समय पर ब्राउज़र सेटिंग्स या CCleaner जैसे टूल के ज़रिए साफ करें।
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सभी नागरिक दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
-मोहित चावला, डीआईजी, साइबर क्राइम