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जोनल अस्पताल में पर्ची बनाने के लिए मारामारी
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जोनल अस्पताल के पर्ची काउंटर पर मंगलवार को उमड़ी मरीजों की भीड़
- फोटो : Mandi
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मंडी। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद भी जोनल अस्पताल मंडी में ऑनलाइन पर्ची बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में रोजाना मरीजों को पर्ची बनाने के लिए दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। दूरदराज से आने वाले मरीजों का काफी समय पंजीकरण काउंटर पर लगी लंबी-लंबी लाइनों में पर्ची बनवाने में ही बीत रहा है और बाद में ओपीडी में लाइन में लगकर बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इसी जद्दोजहद में पूरा दिन बीत जा रहा है।
दिन: मंगलवार, स्थान : जोनल अस्पताल। सुबह 9:00 बजे से ही पर्ची के काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया पर्ची काउंटर पर लाइनें बढ़ने लगी। मरीज और तीमारदार पर्ची बनाने के लिए लाइन में आगे-आगे जाने की होड़ में लगे रहे। उधर, वरिष्ठ नागरिक काउंटर पर भी वरिष्ठ नागरिकों को पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ा। दोपहर 12:00 बजे तक अस्पताल के मुख्य द्वार के निकट तक पर्ची बनाने के लिए मरीजों की लाइन लग गई। ऐसे में दूरदराज के इलाकों कुल्लू, सराज, करसोग, नाचन, पधर के मरीजों को 2:00 बजे तक लाइन में खड़े होकर पर्ची के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। दूरदराज के इन मरीजों और उनके तीमारदारों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दी कि पर्ची बनने के बाद उनको ओपीडी में भी लाइन पर लगना पड़ेगा। उसके बाद दवाइयों के लिए भी सरकारी काउंटर पर लाइन पर लगना पड़ता है। इस बारे में सीएमओ डॉ. देवेंद्र शर्मा ने कहा कि इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ने के चलते लाइनें लंबी हो रही हैं।
मरीजों की दिक्कत, उन्हीं की जुुबानी
- कुल्लू से अपना इलाज करवाने के लिए आए रिंकू ने कहा कि सुबह से वह लाइन में खड़ा है। कब उसकी पर्ची बनेगी, कब वह ओपीडी में जाएगा और कब उसे दवा मिलेगी और वह वापस लौटेगा।
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- मंडी के प्रीतम ने बताया कि उनको आंखों की दिक्कत है, इसलिए आंखों की ओपीडी के लिए पर्ची बनवानी है, लेकिन अभी तक पर्ची के लिए लाइन में लगा हूं और अभी आगे बहुत लोग खड़े हैं।
- करसोग के योगराज ने कहा कि वह इतनी दूर से आया है और यहां पर पर्ची बनाने के लिए सुबह से लाइन में खड़ा है, अभी तक उसकी बारी नहीं आई है, कहा कि आज घर पहुंचना कठिन हो जाएगा।
- खलियार के रवि ने कहा कि वह जब भी यहां पर आया, अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है। कहा कि पर्ची बनाने के बाद अभी ओपीडी में भी लाइन में ही लगना पड़ेगा।
-त्रिपुरारी-
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दिन: मंगलवार, स्थान : जोनल अस्पताल। सुबह 9:00 बजे से ही पर्ची के काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया पर्ची काउंटर पर लाइनें बढ़ने लगी। मरीज और तीमारदार पर्ची बनाने के लिए लाइन में आगे-आगे जाने की होड़ में लगे रहे। उधर, वरिष्ठ नागरिक काउंटर पर भी वरिष्ठ नागरिकों को पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ा। दोपहर 12:00 बजे तक अस्पताल के मुख्य द्वार के निकट तक पर्ची बनाने के लिए मरीजों की लाइन लग गई। ऐसे में दूरदराज के इलाकों कुल्लू, सराज, करसोग, नाचन, पधर के मरीजों को 2:00 बजे तक लाइन में खड़े होकर पर्ची के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। दूरदराज के इन मरीजों और उनके तीमारदारों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दी कि पर्ची बनने के बाद उनको ओपीडी में भी लाइन पर लगना पड़ेगा। उसके बाद दवाइयों के लिए भी सरकारी काउंटर पर लाइन पर लगना पड़ता है। इस बारे में सीएमओ डॉ. देवेंद्र शर्मा ने कहा कि इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ने के चलते लाइनें लंबी हो रही हैं।
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मरीजों की दिक्कत, उन्हीं की जुुबानी
- कुल्लू से अपना इलाज करवाने के लिए आए रिंकू ने कहा कि सुबह से वह लाइन में खड़ा है। कब उसकी पर्ची बनेगी, कब वह ओपीडी में जाएगा और कब उसे दवा मिलेगी और वह वापस लौटेगा।
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- मंडी के प्रीतम ने बताया कि उनको आंखों की दिक्कत है, इसलिए आंखों की ओपीडी के लिए पर्ची बनवानी है, लेकिन अभी तक पर्ची के लिए लाइन में लगा हूं और अभी आगे बहुत लोग खड़े हैं।
- करसोग के योगराज ने कहा कि वह इतनी दूर से आया है और यहां पर पर्ची बनाने के लिए सुबह से लाइन में खड़ा है, अभी तक उसकी बारी नहीं आई है, कहा कि आज घर पहुंचना कठिन हो जाएगा।
- खलियार के रवि ने कहा कि वह जब भी यहां पर आया, अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है। कहा कि पर्ची बनाने के बाद अभी ओपीडी में भी लाइन में ही लगना पड़ेगा।
-त्रिपुरारी-