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Mandi News: पढ़ाई के लिए परेशान था एमबीबीएस प्रशिक्षु, फूट-फूट रोए बेटे का शव लेने पहुंचे परिजन
Sat, 27 Jul 2024 08:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 27 Jul 2024 08:33 AM IST
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प्रशिक्षु की आत्मिक शांति के लिए मौन रख प्रार्थना करते कॉलेज प्रबंधन और अन्य प्रशिक्षु। - संव
नेरचौक (मंडी)। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में वीरवार को पंखे से लटका मिला एमबीबीएस प्रशिक्षु पढ़ाई को लेकर परेशान था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह पढ़ाई में पिछले कुछ माह से ध्यान नहीं दे पा रहा था और उसे कंपार्टमेंट भी थी। माता-पिता की अपेक्षाओं पर अच्छा नहीं उतर पाने के चलते वह तनाव में था। इसी कारण उसने फंदा लगाया था। इसके अलावा पुलिस जांच में और कोई भी कारण सामने नहीं आया है।
उधर, शुक्रवार को राजस्थान से पहुंचे परिजन उस समय अपनी होश खो बैठे जब बेटे को कफन में लिपटे देखा। प्रशिक्षु विजय उदेनिया पुत्र मोहनलाल गांव हरमाड़ा घाटी जयपुर राजस्थान एक वर्ष के पेपर में फेल होने के कारण एक साल पीछे हो गया था। इस कारण वह परेशान रह रहा था और दो-तीन माह से पढ़ाई में ध्यान कम दे रहा था व गुमसुम रहता था।
राजस्थान से आठ लोग पहुंचे थे, जिसमें पिता, दादा, चाचा सहित अन्य रिश्तेदार मौजूद थे। कॉलेज में पहुंचने पर पिता, दादा व चाचा फफक फफक कर रोने लगे। प्रधानाचार्य डीके वर्मा ने उन्हें ढांढस बंधाया। उसके बाद औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को परिजन को सौंप दिया। इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन व प्रशिक्षु चिकित्सकों द्वारा परिवार को आर्थिक सहायता भी की गई। शव को परिजनों को सौंपने के पश्चात कॉलेज प्रबंधन व छात्रों द्वारा मृतक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
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श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक के प्रधानाचार्य डीके वर्मा ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। शव का पोस्टमार्टम कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। उधर, डीएसपी हेड क्वार्टर देवराज ने कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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उधर, शुक्रवार को राजस्थान से पहुंचे परिजन उस समय अपनी होश खो बैठे जब बेटे को कफन में लिपटे देखा। प्रशिक्षु विजय उदेनिया पुत्र मोहनलाल गांव हरमाड़ा घाटी जयपुर राजस्थान एक वर्ष के पेपर में फेल होने के कारण एक साल पीछे हो गया था। इस कारण वह परेशान रह रहा था और दो-तीन माह से पढ़ाई में ध्यान कम दे रहा था व गुमसुम रहता था।
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राजस्थान से आठ लोग पहुंचे थे, जिसमें पिता, दादा, चाचा सहित अन्य रिश्तेदार मौजूद थे। कॉलेज में पहुंचने पर पिता, दादा व चाचा फफक फफक कर रोने लगे। प्रधानाचार्य डीके वर्मा ने उन्हें ढांढस बंधाया। उसके बाद औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को परिजन को सौंप दिया। इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन व प्रशिक्षु चिकित्सकों द्वारा परिवार को आर्थिक सहायता भी की गई। शव को परिजनों को सौंपने के पश्चात कॉलेज प्रबंधन व छात्रों द्वारा मृतक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
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श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक के प्रधानाचार्य डीके वर्मा ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। शव का पोस्टमार्टम कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। उधर, डीएसपी हेड क्वार्टर देवराज ने कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।