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Mandi News: आईआईटी, ईएसआई के लिए याद किए जाएंगे मनमोहन
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सुंदरनगर के धनोटू में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते कांग्रेस अनुसूच
मंडी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंडी जिले के लिए दो बड़ी सौगातें दी हैं। डॉ. मनमोहन सिंह ने आईआईटी मंडी और ईएसआई मेडिकल कॉलेज नेरचौक की सौगात दी हैं। इसके अलावा कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना भी डाॅ. मनमोहन सिंह के बतौर प्रधानमंत्री रहते हुए हिमाचल को मिली थी।
आईआईटी मंडी आज देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल है। ईएसआई मेडिकल कॉलेज अब राज्य सरकार के अधीन हैं। दोनों ही संस्थान मंडी जिले के महत्वपूर्ण संस्थानों में शुमार हैं। दोनों संस्थानों को डाॅ. मनमोहन सिंह के बतौर पीएम रहते हुए ही मंजूरी मिली थी। सामरिक दृष्टि से अहम कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना भी उनकी सोच थी। यह परियोजना अब पर्यटन के लिए भी वरदान साबित हो रही है।
उधर, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने बताया कि डाॅ. मनमोहन सिंह ने नेरचौक में ईएसआई कॉलेज की सौगात दी थी जोकि अब राज्य सरकार के अधीन है। उन्होंने बताया कि डाॅ. मनमोहन सिंह का जाना अपूर्णीय क्षति है। इसे पूरा कर पाना संभव नहीं है। देश के लिए उनकी अलग सोच रही है। उन्होंने बताया कि कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना भी उनकी देन है जो अब धरातल पर उतरी है।
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वहीं, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि आईआईटी जैसा बड़ा शिक्षण संस्थान मंडी को सौगात देना डाॅ. मनमोहन सिंह की सोच रही है। इस प्रतिष्ठित संस्थान से आज कई शोधार्थी और इंजीनियर देश को मिल रहे हैं।
संवाद
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आईआईटी मंडी आज देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल है। ईएसआई मेडिकल कॉलेज अब राज्य सरकार के अधीन हैं। दोनों ही संस्थान मंडी जिले के महत्वपूर्ण संस्थानों में शुमार हैं। दोनों संस्थानों को डाॅ. मनमोहन सिंह के बतौर पीएम रहते हुए ही मंजूरी मिली थी। सामरिक दृष्टि से अहम कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना भी उनकी सोच थी। यह परियोजना अब पर्यटन के लिए भी वरदान साबित हो रही है।
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उधर, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने बताया कि डाॅ. मनमोहन सिंह ने नेरचौक में ईएसआई कॉलेज की सौगात दी थी जोकि अब राज्य सरकार के अधीन है। उन्होंने बताया कि डाॅ. मनमोहन सिंह का जाना अपूर्णीय क्षति है। इसे पूरा कर पाना संभव नहीं है। देश के लिए उनकी अलग सोच रही है। उन्होंने बताया कि कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना भी उनकी देन है जो अब धरातल पर उतरी है।
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वहीं, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि आईआईटी जैसा बड़ा शिक्षण संस्थान मंडी को सौगात देना डाॅ. मनमोहन सिंह की सोच रही है। इस प्रतिष्ठित संस्थान से आज कई शोधार्थी और इंजीनियर देश को मिल रहे हैं।
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