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धोखाधड़ी के आरोपी को एक साल की कैद
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मंडी। अपीलीय अदालत ने धोखाधड़ी के आरोपी की एक साल की कठोर कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला बरकरार रख उसकी अपील को खारिज कर दिया है। आरोपी की ओर से जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सत्र न्यायाधीश की अदालत ने जिला कांगड़ा की जयसिंहपुर तहसील के कछेहड़ निवासी जोगिंद्र सिंह की अपील को निरस्त कर अधीनस्थ न्यायालय की भादंसं की धारा 420 के तहत सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। अपीलीय अदालत ने फैसले में कहा कि इस मामले में आरोपी ने पीड़ितों को आसान शर्तों और कम दरों पर ऋण दिलाने का वादा किया, लेकिन ऋण कभी जारी नहीं हुए।
आरोपी ने स्वयं को कैपिटल फाइनेंस का एजेंट बताया था। ऐसा कोई दस्तावेज आरोपी की ओर से पेश नहीं किया जा सका, जिससे यह पता चलता हो कि ऐसी कोई कंपनी भारत में मौजूद है जो ऋण देती हो। आरोपी के खाते की स्टेटमेंट से जाहिर होता है कि उसमें राशि जमा करवाई गई थी।
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अदालत ने कहा कि रिकार्ड से यह साबित हुआ है कि आरोपी ने पीड़ितों को लोन जारी करवाने का आश्वासन दिया था और इसके बदले पीड़ितों से राशि हासिल की थी। ऐसे में भादंसं की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के सारे आवश्यक अवयव मौजूद होने के कारण ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को सजा दी है। ऐसे में अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पूरी तरह से सही मानकर आरोपी की अपील को निरस्त किया है। संवाद
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सत्र न्यायाधीश की अदालत ने जिला कांगड़ा की जयसिंहपुर तहसील के कछेहड़ निवासी जोगिंद्र सिंह की अपील को निरस्त कर अधीनस्थ न्यायालय की भादंसं की धारा 420 के तहत सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। अपीलीय अदालत ने फैसले में कहा कि इस मामले में आरोपी ने पीड़ितों को आसान शर्तों और कम दरों पर ऋण दिलाने का वादा किया, लेकिन ऋण कभी जारी नहीं हुए।
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आरोपी ने स्वयं को कैपिटल फाइनेंस का एजेंट बताया था। ऐसा कोई दस्तावेज आरोपी की ओर से पेश नहीं किया जा सका, जिससे यह पता चलता हो कि ऐसी कोई कंपनी भारत में मौजूद है जो ऋण देती हो। आरोपी के खाते की स्टेटमेंट से जाहिर होता है कि उसमें राशि जमा करवाई गई थी।
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अदालत ने कहा कि रिकार्ड से यह साबित हुआ है कि आरोपी ने पीड़ितों को लोन जारी करवाने का आश्वासन दिया था और इसके बदले पीड़ितों से राशि हासिल की थी। ऐसे में भादंसं की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के सारे आवश्यक अवयव मौजूद होने के कारण ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को सजा दी है। ऐसे में अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पूरी तरह से सही मानकर आरोपी की अपील को निरस्त किया है। संवाद