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किराया तो कम किया पर बसें भी तो होनी चाहिए
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मंडी बस स्टैंड पर गोहर जा रही एक निजी बस में सफर करतीं महिलाएं।
- फोटो : Mandi
मंडी। दिन : शुक्रवार। स्थान : बस अड्डा मंडी। समय 12:50 बजे। बस अड्डे पर सरकारी और निजी बसें आ जा रही हैं। सरकारी बसों में भी महिलाएं बैठी थीं मगर निजी बसों में उनकी संख्या ज्यादा थी।
इस पर गोहर जा रही एक निजी बस में रेखा और सपना से पूछा कि सरकारी बस में तो आपका आधा किराया लगेगा, इस पर उन्होंने कहा कि समय पर पहुंचना जरूरी है।
किराया कम या अधिक है इसके बारे में बाद में सोचेंगे। बस का इंतजार कर रही बिलासपुर की नीलम और प्रिया ने कहा कि उन्हें मनाली जाना है। सरकारी बस देख रही हैं, लेकिन पता नहीं आएगी या नहीं। पहले बिलासपुर से मनाली का 500 रुपये किराया लगता था अब 250 रुपये लगेंगे, पर बस नहीं मिल रही।
अगले बैंच पर बस का इंतजार कर रही गायत्री देवी ने कहा कि उनकी मां ने सरकाघाट जाना है, पर सरकारी बस नहीं है। सरकार ने किराया तो 50 प्रतिशत कर दिया लेकिन बसें भी तो होनी चाहिए। उधर, साथ ही बैठी एक महिला शारदा ने कहा कि उन्होंने रंधाड़ा जाना है, लेकिन अभी सरकारी बस का इंतजार कर रही हैं।
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आएगी तो ठीक नहीं तो फिर निजी बस में ही जाना पड़ेगा। आरएम गोपाल शर्मा ने कहा कि बसों में महिलाओं का किराया पचास प्रतिशत ही लिया जा रहा है। ऐसे में सवारियों पर निर्भर है कि वे सरकारी बसों में सफर करना चाहते हैं या निजी बसों में। हालांकि हर रूट पर सरकारी बसों की सेवा है। संवाद
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इस पर गोहर जा रही एक निजी बस में रेखा और सपना से पूछा कि सरकारी बस में तो आपका आधा किराया लगेगा, इस पर उन्होंने कहा कि समय पर पहुंचना जरूरी है।
किराया कम या अधिक है इसके बारे में बाद में सोचेंगे। बस का इंतजार कर रही बिलासपुर की नीलम और प्रिया ने कहा कि उन्हें मनाली जाना है। सरकारी बस देख रही हैं, लेकिन पता नहीं आएगी या नहीं। पहले बिलासपुर से मनाली का 500 रुपये किराया लगता था अब 250 रुपये लगेंगे, पर बस नहीं मिल रही।
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अगले बैंच पर बस का इंतजार कर रही गायत्री देवी ने कहा कि उनकी मां ने सरकाघाट जाना है, पर सरकारी बस नहीं है। सरकार ने किराया तो 50 प्रतिशत कर दिया लेकिन बसें भी तो होनी चाहिए। उधर, साथ ही बैठी एक महिला शारदा ने कहा कि उन्होंने रंधाड़ा जाना है, लेकिन अभी सरकारी बस का इंतजार कर रही हैं।
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आएगी तो ठीक नहीं तो फिर निजी बस में ही जाना पड़ेगा। आरएम गोपाल शर्मा ने कहा कि बसों में महिलाओं का किराया पचास प्रतिशत ही लिया जा रहा है। ऐसे में सवारियों पर निर्भर है कि वे सरकारी बसों में सफर करना चाहते हैं या निजी बसों में। हालांकि हर रूट पर सरकारी बसों की सेवा है। संवाद