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Mandi News: मेजर राधिका सेन को मिला संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा सैन्य पुरस्कार
Fri, 31 May 2024 08:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 31 May 2024 08:03 PM IST
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संयुक्त राष्ट्र में सैन्य पुरस्कार प्राप्त करते हुए मेजर राधिका
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की बेटी मेजर राधिका सेन को यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड से नवाजा गया है। वीरवार को कांगो में मेजर राधिका सेन को संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस के मौके पर यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।
सुंदरनगर शहर की मेजर राधिका सेन को संयुक्त राष्ट्र में सबसे बड़ा सैन्य पुरस्कार मिलने से क्षेत्र में खुशी की लहर है। नगर परिषद सुंदरनगर के भड़ोह वार्ड निवासी राधिका सेन के पिता ओंकार सेन राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर और माता निर्मला सेन चौहार वैली के कथोग स्कूल से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
राधिका के पिता ओंकार सेन ने बेटी की उपलब्धि को देश की सेना, देशवासियों सहित सुंदरनगर के लोगों को समर्पित करते हुए खुशी प्रकट की। राधिका सेन के पिता चार भाई है और चारों भाईयों की दो-दो बेटियां है। सभी एक से बढ़कर एक हैं और बड़े पदों पर आसीन होकर परिवार का मान बढ़ रही हैं।
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मेजर राधिका की बहन कंचन सेन ने बताया कि सभी बहनें एक-दूसरे के लिए प्रेरणास्रोत हैं। अब उन्हें मेजर राधिका के घर आने का इंतजार है जब वह इस खुशी को जश्न के रूप में मनाएंगी।
मेजर राधिका भारतीय त्वरित तैनाती बटालियन की कमांडर के तौर पर मार्च 2023 से अप्रैल 2024 तक कांगो गणराज्य के पूर्व में तैनात थी। यहां वह इंडियन रेपिडली डिप्लॉयमेंट बटालियन की टीम कमांडर थी। उन्होंने 20 महिला सैनिकों और 10 पुरुष सैनिकों की टीम को लीड किया था। उनका काम मुख्य रूप से लोगों से बातचीत करना, विस्थापितों की समस्याओं को सुलझाना और संघर्ष जोन में महिलाओं और बच्चों की आवाज को बुलंद करना था। उनकी अगुवाई में टीम ने महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, बच्चों की देखभाल, लैंगिक समानता और रोजगार जैसे विषयों पर शैक्षणिक सत्र आयोजित किए थे।
उधर, सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने मेजर राधिका सेन को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर की बेटी ने यह पुरस्कार पा देश का नाम रौशन किया है।
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सुंदरनगर शहर की मेजर राधिका सेन को संयुक्त राष्ट्र में सबसे बड़ा सैन्य पुरस्कार मिलने से क्षेत्र में खुशी की लहर है। नगर परिषद सुंदरनगर के भड़ोह वार्ड निवासी राधिका सेन के पिता ओंकार सेन राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर और माता निर्मला सेन चौहार वैली के कथोग स्कूल से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
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राधिका के पिता ओंकार सेन ने बेटी की उपलब्धि को देश की सेना, देशवासियों सहित सुंदरनगर के लोगों को समर्पित करते हुए खुशी प्रकट की। राधिका सेन के पिता चार भाई है और चारों भाईयों की दो-दो बेटियां है। सभी एक से बढ़कर एक हैं और बड़े पदों पर आसीन होकर परिवार का मान बढ़ रही हैं।
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मेजर राधिका की बहन कंचन सेन ने बताया कि सभी बहनें एक-दूसरे के लिए प्रेरणास्रोत हैं। अब उन्हें मेजर राधिका के घर आने का इंतजार है जब वह इस खुशी को जश्न के रूप में मनाएंगी।
मेजर राधिका भारतीय त्वरित तैनाती बटालियन की कमांडर के तौर पर मार्च 2023 से अप्रैल 2024 तक कांगो गणराज्य के पूर्व में तैनात थी। यहां वह इंडियन रेपिडली डिप्लॉयमेंट बटालियन की टीम कमांडर थी। उन्होंने 20 महिला सैनिकों और 10 पुरुष सैनिकों की टीम को लीड किया था। उनका काम मुख्य रूप से लोगों से बातचीत करना, विस्थापितों की समस्याओं को सुलझाना और संघर्ष जोन में महिलाओं और बच्चों की आवाज को बुलंद करना था। उनकी अगुवाई में टीम ने महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, बच्चों की देखभाल, लैंगिक समानता और रोजगार जैसे विषयों पर शैक्षणिक सत्र आयोजित किए थे।
उधर, सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने मेजर राधिका सेन को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर की बेटी ने यह पुरस्कार पा देश का नाम रौशन किया है।