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दुष्कर्म के बाद हत्या करने पर दो दोषियों को आजीवन कारावास
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मंडी। पीड़िता से दुष्कर्म के बाद धारदार हथियार से उसकी हत्या करने के दो आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराते हु आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश सुंदरनगर अनुजा सूद ने थुनाग तहसील के पाटन (बागाचनोगी) निवासी निर्मल सिंह और कडाहरोपा (बागाचनोगी) निवासी सुभाष चंद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 376 और 201 के तहत अभियोग साबित होने पर आजीवन कारावास, दस साल तथा दो साल के कारावास और पचास-पचास हजार रुपये और बीस-बीस हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
आरोपियों के निश्चित समय पर जुर्माना राशि अदा न करने पर उन्हें उक्त धाराओं के तहत दो-दो साल और छह-छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार 27 अगस्त 2016 को कडाहरोपा (बागाचनोगी) निवासी घनश्याम सिंह ने पुलिस को बयान दिया कि उसकी भतीजी (मृतिका) भाटकीधार सामान लेने गई थी।
शाम करीब 8:30 बजे उसने बहन को फ़ोन किया कि अंकल घनश्याम सिंह को भेजो। उसे आरोपी मार रहे हैं। इस पर गांव के लोग इकट्ठा हुए और पीड़िता को ढूंढते हुए बुन्गाधार आए। रास्ते में उन्हें जैकेट और सामान का थैला मिला। उसके बाद वे पीडिता को ढूंढते हुए करीब 500 मीटर नीचे गये तो उन्होंने पीड़िता लहूलुहान मिली। उसके हाथों और गले में धारदार हथियार से काटने के निशान थे। उसकी उस वक्त मौत हो चुकी थी।
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धनश्याम के बयान के आधार पर गोहर पुलिस थाना ने मामला दर्ज करके निरीक्षक चांद किशोर ने छानबीन की। तहकीकात के दौरान पता चला कि पीड़िता की हत्या आरोपियों ने की है। दोनों आरोपी पीड़िता के चचरे भाई (मामा और बुआ के लड़के) थे। छानबीन में पता चला कि आरोपियों ने टोके और छुरी से पीड़िता की हत्या की। रासायनिक परीक्षण से छानबीन के दौरान यह भी सामने आया कि हत्या से पहले उसके के साथ दुष्कर्म भी किया गया था।
तहकीकात पूरी होने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया। उप जिला न्यायवादी विनय शर्मा ने बताया कि इस मामले की पैरवी तत्कालीन उप जिला न्यायवादी भीष्म चंद और वर्तमान उप जिला न्यायवादी चानन सिंह ने की।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 37 गवाहों के बयान कलमबद्ध किए गए। अदालत ने कहा कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपियों के खिलाफ पीड़िता से दुष्कर्म, हत्या और सबूतों को मिटाने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने उनको कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश सुंदरनगर अनुजा सूद ने थुनाग तहसील के पाटन (बागाचनोगी) निवासी निर्मल सिंह और कडाहरोपा (बागाचनोगी) निवासी सुभाष चंद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 376 और 201 के तहत अभियोग साबित होने पर आजीवन कारावास, दस साल तथा दो साल के कारावास और पचास-पचास हजार रुपये और बीस-बीस हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
आरोपियों के निश्चित समय पर जुर्माना राशि अदा न करने पर उन्हें उक्त धाराओं के तहत दो-दो साल और छह-छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार 27 अगस्त 2016 को कडाहरोपा (बागाचनोगी) निवासी घनश्याम सिंह ने पुलिस को बयान दिया कि उसकी भतीजी (मृतिका) भाटकीधार सामान लेने गई थी।
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शाम करीब 8:30 बजे उसने बहन को फ़ोन किया कि अंकल घनश्याम सिंह को भेजो। उसे आरोपी मार रहे हैं। इस पर गांव के लोग इकट्ठा हुए और पीड़िता को ढूंढते हुए बुन्गाधार आए। रास्ते में उन्हें जैकेट और सामान का थैला मिला। उसके बाद वे पीडिता को ढूंढते हुए करीब 500 मीटर नीचे गये तो उन्होंने पीड़िता लहूलुहान मिली। उसके हाथों और गले में धारदार हथियार से काटने के निशान थे। उसकी उस वक्त मौत हो चुकी थी।
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धनश्याम के बयान के आधार पर गोहर पुलिस थाना ने मामला दर्ज करके निरीक्षक चांद किशोर ने छानबीन की। तहकीकात के दौरान पता चला कि पीड़िता की हत्या आरोपियों ने की है। दोनों आरोपी पीड़िता के चचरे भाई (मामा और बुआ के लड़के) थे। छानबीन में पता चला कि आरोपियों ने टोके और छुरी से पीड़िता की हत्या की। रासायनिक परीक्षण से छानबीन के दौरान यह भी सामने आया कि हत्या से पहले उसके के साथ दुष्कर्म भी किया गया था।
तहकीकात पूरी होने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया। उप जिला न्यायवादी विनय शर्मा ने बताया कि इस मामले की पैरवी तत्कालीन उप जिला न्यायवादी भीष्म चंद और वर्तमान उप जिला न्यायवादी चानन सिंह ने की।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 37 गवाहों के बयान कलमबद्ध किए गए। अदालत ने कहा कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपियों के खिलाफ पीड़िता से दुष्कर्म, हत्या और सबूतों को मिटाने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने उनको कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।