{"_id":"6101985a8ebc3e5828371734","slug":"life-imprisonment-for-father-s-murder-mandi-news-sml3784813169","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता की हत्या के दोषी को उम्रमैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता की हत्या के दोषी को उम्रमैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज शर्मा की अदालत ने बुधवार को हत्या मामले में बेटे को दोषी करार देते हुए उम्र कैद के साथ-साथ जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी विजय सिंह गांव बलद्वाड़ा मतेहड़ी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
भारतीय आयुध अधिनियम की धारा 27 के तहत तीन वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी।
जिला न्यायवादी मंडी कुलभूषण गौतम ने बताया कि ओमपाल निवासी बलद्वाड़ा ने वर्ष 2015 को में पुलिस में बयान दिया कि वह घटना वाले दिन अपने खेत में काम कर रहा था। उसने देखा कि उसका बड़ा भाई उदय भानू भाग रहा था।
विज्ञापन
उसके पीछे उदय भानू का बड़ा बेटा विजय सिंह था। उसके पास पिस्तौल थी। विजय सिंह ने उदय भानू पर गोलियां चला दीं। अस्पताल ले जाते समय उदय भानू की मौत हो गई। सरकाघाट थाने में मामला दर्ज हुआ। उप निरीक्षक सरकाघाट नरदेव सिंह ने चालान अदालत में पेश किया। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। संवाद
विज्ञापन
भारतीय आयुध अधिनियम की धारा 27 के तहत तीन वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी।
विज्ञापन
जिला न्यायवादी मंडी कुलभूषण गौतम ने बताया कि ओमपाल निवासी बलद्वाड़ा ने वर्ष 2015 को में पुलिस में बयान दिया कि वह घटना वाले दिन अपने खेत में काम कर रहा था। उसने देखा कि उसका बड़ा भाई उदय भानू भाग रहा था।
विज्ञापन
उसके पीछे उदय भानू का बड़ा बेटा विजय सिंह था। उसके पास पिस्तौल थी। विजय सिंह ने उदय भानू पर गोलियां चला दीं। अस्पताल ले जाते समय उदय भानू की मौत हो गई। सरकाघाट थाने में मामला दर्ज हुआ। उप निरीक्षक सरकाघाट नरदेव सिंह ने चालान अदालत में पेश किया। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। संवाद