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Mandi News: जेबीटी, डीएलएल प्रशिक्षुुओं ने कक्षाओं का किया बहिष्कार
Thu, 09 Mar 2023 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 09 Mar 2023 11:29 PM IST
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मंडी में डी एलएड शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान अभिलाषी ग्रुप ऑफ एजुकेशन नेरचौक में कक्षा का बहिष्का
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिले में जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षुओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और जेबीटी भर्ती में बीएड धारकों को शामिल करने पर कड़ी आपत्ति जताई। प्रशिक्षुओं ने सरकार और विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षुओं ने कहा कि 11 मार्च को प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय मंडी में विभाग और प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई जेबीटी भर्ती में बीएड को शामिल करना उनका हकों का हनन करना है। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। जिन पदों पर केवल जेबीटी प्रशिक्षुओं का हक है, वहां शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से बीएड धारकों को लगाया जा रहा है। इससे पहले भी नवंबर में जब हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने जेबीटी टेट की अधिसूचना में बीएड उम्मीदवारों को बैठने का मौका दिया था, उस समय हाईकोर्ट ने इस अधिसूचना पर रोक लगा दी थी। साथ ही जेबीटी, बीएड मामले सुप्रीम कोर्ट में अंतिम चरण पर है। जेबीटी, डीएलएड बेरोजगार संघ के मंडी जिला उपाध्यक्ष कुशाग्र ने कहा कि वीरवार को जेबीटी भर्ती में बीएड को शामिल करने के विरोध में धरना-प्रदर्शन और कक्षाओं का बहिष्कार किया गया है।
उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो वे भूख हड़ताल करेंगे। प्रदर्शन में जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान मंडी, जागृति टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज देवधार, अभिलाषी ग्रुप ऑफ एजुकेशन नेरचौक, करिश्मा एजुकेशन सेंटर डडोर, विजय मेमोरियल कॉलेज बडसू बल्ह आदि संस्थानों के प्रशिक्षु शामिल रहे।
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40 हजार प्रशिक्षुओं के भविष्य से खिलवाड़
जेबीटी और डीएलएड के अभ्यार्थियों का आरोप है कि शिक्षा विभाग का जेबीटी बैचवाइज भर्ती में बीएड उम्मीदवारों को इस तरह मौका देना गलत है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जेबीटी के भर्ती और पदोन्नति नियमों में कोई संशोधन नहीं किया है। सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं लग रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि राज्य के 40 हजार जेबीटी प्रशिक्षुओं के हित में निर्णय लें। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी जेबीटी बैचवाइज भर्ती में जम्मू-कश्मीर से ईटीटी के फर्जी डिप्लोमा लाकर कई ने नौकरी ली हैं। इससे संबंधित मामले भी न्यायालय में लंबित है। भविष्य में भी यदि जेबीटी की जगह बीएड प्रशिक्षुओं को तैनाती दी जाती है तो जेबीटी प्रशिक्षुओं के साथ यह अन्याय होगा।
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मंडी। जिले में जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षुओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और जेबीटी भर्ती में बीएड धारकों को शामिल करने पर कड़ी आपत्ति जताई। प्रशिक्षुओं ने सरकार और विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षुओं ने कहा कि 11 मार्च को प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय मंडी में विभाग और प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई जेबीटी भर्ती में बीएड को शामिल करना उनका हकों का हनन करना है। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। जिन पदों पर केवल जेबीटी प्रशिक्षुओं का हक है, वहां शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से बीएड धारकों को लगाया जा रहा है। इससे पहले भी नवंबर में जब हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने जेबीटी टेट की अधिसूचना में बीएड उम्मीदवारों को बैठने का मौका दिया था, उस समय हाईकोर्ट ने इस अधिसूचना पर रोक लगा दी थी। साथ ही जेबीटी, बीएड मामले सुप्रीम कोर्ट में अंतिम चरण पर है। जेबीटी, डीएलएड बेरोजगार संघ के मंडी जिला उपाध्यक्ष कुशाग्र ने कहा कि वीरवार को जेबीटी भर्ती में बीएड को शामिल करने के विरोध में धरना-प्रदर्शन और कक्षाओं का बहिष्कार किया गया है।
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उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो वे भूख हड़ताल करेंगे। प्रदर्शन में जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान मंडी, जागृति टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज देवधार, अभिलाषी ग्रुप ऑफ एजुकेशन नेरचौक, करिश्मा एजुकेशन सेंटर डडोर, विजय मेमोरियल कॉलेज बडसू बल्ह आदि संस्थानों के प्रशिक्षु शामिल रहे।
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40 हजार प्रशिक्षुओं के भविष्य से खिलवाड़
जेबीटी और डीएलएड के अभ्यार्थियों का आरोप है कि शिक्षा विभाग का जेबीटी बैचवाइज भर्ती में बीएड उम्मीदवारों को इस तरह मौका देना गलत है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जेबीटी के भर्ती और पदोन्नति नियमों में कोई संशोधन नहीं किया है। सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं लग रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि राज्य के 40 हजार जेबीटी प्रशिक्षुओं के हित में निर्णय लें। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी जेबीटी बैचवाइज भर्ती में जम्मू-कश्मीर से ईटीटी के फर्जी डिप्लोमा लाकर कई ने नौकरी ली हैं। इससे संबंधित मामले भी न्यायालय में लंबित है। भविष्य में भी यदि जेबीटी की जगह बीएड प्रशिक्षुओं को तैनाती दी जाती है तो जेबीटी प्रशिक्षुओं के साथ यह अन्याय होगा।