{"_id":"673335cba5a4f65cb70ae252","slug":"ignoring-pensioners-will-prove-costly-jamwal-mandi-news-c-90-1-ssml1045-140022-2024-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेंशनरों की अनदेखी पड़ेगी भारी : जम्वाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेंशनरों की अनदेखी पड़ेगी भारी : जम्वाल
विज्ञापन
सुंदरनगर (मंडी)। विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम सुंदरनगर ने मांगों की अनदेखी पर रोष जताया है। मंगलवार को फोरम की बैठक प्रधान केएस जम्वाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें हिमाचल विद्युत परिषद की ओर से पिछले 2 वर्ष से अपने पेंशनरों को किसी भी प्रकार का एरियर जारी न करने पर भी नाराजगी जताई। प्रबंधन की लचर कार्यप्रणाली के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया।
2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को उनकी बढ़ी हुई पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव इन कैशमेंट तथा डीए और एरियर का लाभ न देने पर रोष जताया। कहा कि दिवाली से पहले 75 वर्ष के ऊपर के सभी पेंशनर्स को पूरा एरियर देने के आदेशों को भी लागू नहीं किया गया। केएस जम्वाल ने कहा कि विद्युत परिषद एक सरकारी उपक्रम है। जो भी आदेश हिमाचल सरकार की ओर से लिए जाते हैं वे यथावत विद्युत परिषद में भी उसी तारीख से लागू हो जाते हैं।
दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि परिषद इन सरकारी आदेशों के अनुरूप किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रही है। पेंशनरों के देय एरियर पर कुंडली मारकर बैठा हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करके विद्युत परिषद पेंशनराें को भी सरकारी विभागों के अनुरूप शीघ्र ही उनके हक दिलाने की मांग की है। कहा कि अगर अनदेखी बंद न हुई तो पेंशनर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। बैठक में केडी खोसला, जगमेल सिंह, एनपी शर्मा, पवन शर्मा, आरएस कटवाल, खुशाल शर्मा और शेर सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को उनकी बढ़ी हुई पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव इन कैशमेंट तथा डीए और एरियर का लाभ न देने पर रोष जताया। कहा कि दिवाली से पहले 75 वर्ष के ऊपर के सभी पेंशनर्स को पूरा एरियर देने के आदेशों को भी लागू नहीं किया गया। केएस जम्वाल ने कहा कि विद्युत परिषद एक सरकारी उपक्रम है। जो भी आदेश हिमाचल सरकार की ओर से लिए जाते हैं वे यथावत विद्युत परिषद में भी उसी तारीख से लागू हो जाते हैं।
विज्ञापन
दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि परिषद इन सरकारी आदेशों के अनुरूप किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रही है। पेंशनरों के देय एरियर पर कुंडली मारकर बैठा हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करके विद्युत परिषद पेंशनराें को भी सरकारी विभागों के अनुरूप शीघ्र ही उनके हक दिलाने की मांग की है। कहा कि अगर अनदेखी बंद न हुई तो पेंशनर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। बैठक में केडी खोसला, जगमेल सिंह, एनपी शर्मा, पवन शर्मा, आरएस कटवाल, खुशाल शर्मा और शेर सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन