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HP News: स्कूलों में मिड-डे मील के लिए केंद्र से मांगे 119 करोड़, समग्र शिक्षा के तहत मांगे जाएंगे 746 करोड़
Tue, 12 May 2026 11:43 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 12 May 2026 11:43 AM IST
सार
केंद्र सरकार से हिमाचल सरकार ने मिड-डे मील को जारी रखने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 119 करोड़ रुपये की मांग की है। वहीं, समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार से मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के लिए 746 करोड़ रुपये के बजट की मांग की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना (मिड-डे मील) को जारी रखने के लिए केंद्र सरकार से वर्ष 2026-27 के लिए 119 करोड़ रुपये की मांग की है। सोमवार को वर्चुअल माध्यम से हुई बैठक में यह प्रस्ताव शिक्षा विभाग की ओर से केंद्र सरकार के समक्ष प्री-एप्रूवल बोर्ड (प्री-पैब) बैठक में रखा गया।
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शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में हिमाचल का पक्ष रखते हुए बताया कि प्रदेश में प्री-नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के करीब 4.82 लाख विद्यार्थियों को प्रतिदिन मध्यान भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में यह योजना बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
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प्रदेश सरकार ने केंद्र से खाद्यान्न, कुक-कम-हेल्पर मानदेय, परिवहन, रसोई गैस और अन्य संचालन खर्चों के लिए बजट उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। बैठक में बताया कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में भोजन सामग्री के परिवहन और संचालन पर मैदानी राज्यों की तुलना में अधिक खर्च आता है।
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प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को तय मानकों के अनुसार भोजन दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि पर्याप्त बजट मिलने से योजना को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि 20 मई के बाद प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की मुख्य बैठक आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लेते हुए बजट स्वीकृत किया जाएगा। इसी बैठक में हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्र की ओर से मिलने वाली राशि भी तय होगी।
आज समग्र शिक्षा के तहत मांगे जाएंगे 746 करोड़
समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार से मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के लिए 746 करोड़ रुपये के बजट की मांग की जाएगी। मंगलवार को दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा होगी। प्री प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। हिमाचल ने पहले एक हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया था, लेकिन केंद्र ने एसएसए के तहत बजट जारी करने के लिए राज्यों की लिमिट तय की है। केंद्र के निर्देशों के अनुसार हिमाचल ने फिर संशोधित प्रोजेक्ट तैयार किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में आयोजित होने वाली प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर सहित एसएसए के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा मौजूद रहेंगे।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार से मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के लिए 746 करोड़ रुपये के बजट की मांग की जाएगी। मंगलवार को दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा होगी। प्री प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। हिमाचल ने पहले एक हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया था, लेकिन केंद्र ने एसएसए के तहत बजट जारी करने के लिए राज्यों की लिमिट तय की है। केंद्र के निर्देशों के अनुसार हिमाचल ने फिर संशोधित प्रोजेक्ट तैयार किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में आयोजित होने वाली प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर सहित एसएसए के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा मौजूद रहेंगे।