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Mandi News: युवाओं के रोल मॉडल बने सावन, एथलेटिक्स में बढ़ाया मान
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सावन की उड़ान ने युवाओं को दिखाई सफलता की राह
स्थानीय युवा और प्रशिक्षक बोले- विश्वभर में भारत का नाम रोशन कर रहा सावन
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जापान के नागोया में 44 वर्ष बाद भारत के लिए एथलेटिक्स में रजत पदक जीतकर इतिहास रचने वाले सावन बरवाल के गृहनगर जोगिंद्रनगर में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि के बाद प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के युवा खिलाड़ियों और एथलीटों के लिए सावन प्रेरणास्रोत बन गए हैं। स्थानीय लोगों और युवाओं ने पटाखे फोड़कर तथा मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया और सावन को भावी पीढ़ी के लिए आदर्श बताया। सोशल मीडिया पर भी युवाओं ने सावन के साथ तस्वीरें साझा कर उन्हें बधाई दी। रड़ा भंखेड़ गांव के इस प्रतिभावान धावक की उपलब्धि से अब देशवासियों की निगाहें आगामी ओलंपिक खेलों पर टिकी हैं और उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। देश के हर नागरिक को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है। -भुवनेश पंत, स्थानीय निवासी
एथलेटिक्स में सावन की प्रतिभा अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुकी है। उनकी उपलब्धि ने प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है। -नेत्र सिंह, खेल प्रशिक्षक, एथलेटिक सेंटर जोगिंद्रनगर
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जिस प्रतिभावान युवा को छोटे से गांव से तराशा था, उसने एशियाई खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। अपने शिष्य की इस उपलब्धि से मैं बेहद उत्साहित हूं। इससे युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। -गोपाल ठाकुर, सावन बरवाल के प्रथम खेल प्रशिक्षक
सावन का संघर्ष युवाओं को अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देगा। उनकी यह ऐतिहासिक जीत प्रदेशभर के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी। -आदित्य, युवा खिलाड़ी
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स्थानीय युवा और प्रशिक्षक बोले- विश्वभर में भारत का नाम रोशन कर रहा सावन
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जापान के नागोया में 44 वर्ष बाद भारत के लिए एथलेटिक्स में रजत पदक जीतकर इतिहास रचने वाले सावन बरवाल के गृहनगर जोगिंद्रनगर में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि के बाद प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के युवा खिलाड़ियों और एथलीटों के लिए सावन प्रेरणास्रोत बन गए हैं। स्थानीय लोगों और युवाओं ने पटाखे फोड़कर तथा मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया और सावन को भावी पीढ़ी के लिए आदर्श बताया। सोशल मीडिया पर भी युवाओं ने सावन के साथ तस्वीरें साझा कर उन्हें बधाई दी। रड़ा भंखेड़ गांव के इस प्रतिभावान धावक की उपलब्धि से अब देशवासियों की निगाहें आगामी ओलंपिक खेलों पर टिकी हैं और उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। देश के हर नागरिक को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है। -भुवनेश पंत, स्थानीय निवासी
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एथलेटिक्स में सावन की प्रतिभा अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुकी है। उनकी उपलब्धि ने प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है। -नेत्र सिंह, खेल प्रशिक्षक, एथलेटिक सेंटर जोगिंद्रनगर
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जिस प्रतिभावान युवा को छोटे से गांव से तराशा था, उसने एशियाई खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। अपने शिष्य की इस उपलब्धि से मैं बेहद उत्साहित हूं। इससे युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। -गोपाल ठाकुर, सावन बरवाल के प्रथम खेल प्रशिक्षक
सावन का संघर्ष युवाओं को अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देगा। उनकी यह ऐतिहासिक जीत प्रदेशभर के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी। -आदित्य, युवा खिलाड़ी