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Mandi News: क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने के लिए घंटों इंतजार
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क्षेत्रीय अस्पताल में क्रस्ना लैब के बाहर टेस्ट सुविधा लेने के लिए भीड़ में इंतजार करते मरीज व
सरकारी लैब बंद होते ही बढ़ जाता है मरीजों का दबाव
रिसेप्शन पर दो कर्मचारी संभाल रहे जिम्मेदारी
सैंपल देने और रिपोर्ट लेने के लिए लग रहीं कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में सरकार की ओर से अधिकृत क्रस्ना लैब में जांच करवाने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लैब के रिसेप्शन काउंटर पर मरीजों की भीड़ और सीमित स्टाफ के कारण पंजीकरण से लेकर रिपोर्ट प्राप्त करने तक परेशानी झेलनी पड़ रही है। जल्द जांच करवाने के लिए कई मरीज निजी लैब और अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें जांच के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
क्रस्ना लैब के रिसेप्शन पर केवल दो कर्मचारी पंजीकरण और रिपोर्ट वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं, ब्लड सैंपल लेने के लिए दूसरे कक्ष में एक नर्सिंग कर्मचारी तैनात है, जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मदद से सैंपल लैब तक पहुंचाती है। लैब के भीतर जांच और रिपोर्ट तैयार करने का काम जारी रहता है लेकिन रिसेप्शन और सैंपल कलेक्शन काउंटर पर अधिक भीड़ होने के कारण मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है।
क्षेत्रीय अस्पताल की सामान्य लैब में सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक ही सैंपल लिए जाते हैं। इसके बाद मरीजों का दबाव क्रस्ना लैब पर बढ़ जाता है। देवधार के बलवीर गुलेरिया, रत्ती पुल के बबलू, टारना की कंचन और महाजन बाजार की किरन ने बताया कि सरकारी लैब में सैंपल लेने का समय समाप्त होने के बाद क्रस्ना लैब में जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि मरीजों की संख्या को देखते हुए लैब में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, ताकि उन्हें समय पर जांच की सुविधा मिल सके।
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शाम तक उपलब्ध करवाई जा रही रिपोर्ट
क्रस्ना लैब मंडी के प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि लैब यूनिट में दस कर्मचारियों का स्टाफ मरीजों को सेवाएं देने में जुटा है। भीड़ अधिक होने के बावजूद सभी मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं और शाम तक रिपोर्ट उपलब्ध करवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि केवल थायराइड और विटामिन जांच के सैंपल मेडिकल कॉलेज भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट अगले दिन मिलती है।
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रिसेप्शन पर दो कर्मचारी संभाल रहे जिम्मेदारी
सैंपल देने और रिपोर्ट लेने के लिए लग रहीं कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में सरकार की ओर से अधिकृत क्रस्ना लैब में जांच करवाने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लैब के रिसेप्शन काउंटर पर मरीजों की भीड़ और सीमित स्टाफ के कारण पंजीकरण से लेकर रिपोर्ट प्राप्त करने तक परेशानी झेलनी पड़ रही है। जल्द जांच करवाने के लिए कई मरीज निजी लैब और अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें जांच के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
क्रस्ना लैब के रिसेप्शन पर केवल दो कर्मचारी पंजीकरण और रिपोर्ट वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं, ब्लड सैंपल लेने के लिए दूसरे कक्ष में एक नर्सिंग कर्मचारी तैनात है, जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मदद से सैंपल लैब तक पहुंचाती है। लैब के भीतर जांच और रिपोर्ट तैयार करने का काम जारी रहता है लेकिन रिसेप्शन और सैंपल कलेक्शन काउंटर पर अधिक भीड़ होने के कारण मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है।
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क्षेत्रीय अस्पताल की सामान्य लैब में सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक ही सैंपल लिए जाते हैं। इसके बाद मरीजों का दबाव क्रस्ना लैब पर बढ़ जाता है। देवधार के बलवीर गुलेरिया, रत्ती पुल के बबलू, टारना की कंचन और महाजन बाजार की किरन ने बताया कि सरकारी लैब में सैंपल लेने का समय समाप्त होने के बाद क्रस्ना लैब में जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि मरीजों की संख्या को देखते हुए लैब में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, ताकि उन्हें समय पर जांच की सुविधा मिल सके।
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शाम तक उपलब्ध करवाई जा रही रिपोर्ट
क्रस्ना लैब मंडी के प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि लैब यूनिट में दस कर्मचारियों का स्टाफ मरीजों को सेवाएं देने में जुटा है। भीड़ अधिक होने के बावजूद सभी मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं और शाम तक रिपोर्ट उपलब्ध करवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि केवल थायराइड और विटामिन जांच के सैंपल मेडिकल कॉलेज भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट अगले दिन मिलती है।