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सेरी मंच पर उड़ा गुलाल, डीजे की धुनों पर नाचे लोग
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मंडी में डीजे की धुन पर नाचते लोग।
- फोटो : Mandi
मंडी। छोटी काशी मंडी में वीरवार को होली उत्सव उल्लास और आस्था के साथ मनाया गया। सेरी मंच पर डीजे की धुनों पर शहर के लोगों ने जमकर मस्ती की और गुलाल उड़ाया। कोविड के दो साल बाद मनाए जा रहे होली जश्न में पूरा शहर उमड़ पड़ा।
पहाड़ी और होली के गीतों पर जमकर डांस किया। करीब दो बजे राजदेवता माधोराय भी पालकी में सवार होकर होली के मतवालों के साथ होली खेलने सड़कों पर उतर आए। पालकी के निकलते ही लोगों ने माधोराय पर खूब गुलाल उड़ाया।
राज दरबार से चौहटा, समखेतर, भूतनाथ होते हुए देव माधोराय की पालकी वापस मंदिर पहुंची। देर शाम कांभल वृक्ष की टहनियों की पूजा कर होलिका दहन किया गया। बता दें कि होली के दिन पुरोहितों की ओर से पड्डल में पीपल के पास होली दहन किया जाता है। उसके बाद जगन्नाथ मंदिर, राजा का बेहड़ा, भगवान मोहल्ला, बंगला मोहल्ला, पलाखा, समखेतर, भुवनेश्वरी मंदिर तथा मंडी नगर के अधिष्ठाता देव भूतनाथ के मंदिर जाकर फाग बरधवाती (विदा करना) की।
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नगाड़े, शहनाई और घंटियों की आवाज के साथ भगवान माधोराय के आगमन पर मोहल्ले भर के लोग फाग के इर्द-गिर्द घूमकर हिंगला, पोपला, नारदा, शारदा के मंत्रोचारण के साथ गुलाल फेंकते हैं। उसके बाद आग के चारों तरफ बैठकर भजन कीर्तन का सिलसिला रातभर चलता रहा।
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पहाड़ी और होली के गीतों पर जमकर डांस किया। करीब दो बजे राजदेवता माधोराय भी पालकी में सवार होकर होली के मतवालों के साथ होली खेलने सड़कों पर उतर आए। पालकी के निकलते ही लोगों ने माधोराय पर खूब गुलाल उड़ाया।
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राज दरबार से चौहटा, समखेतर, भूतनाथ होते हुए देव माधोराय की पालकी वापस मंदिर पहुंची। देर शाम कांभल वृक्ष की टहनियों की पूजा कर होलिका दहन किया गया। बता दें कि होली के दिन पुरोहितों की ओर से पड्डल में पीपल के पास होली दहन किया जाता है। उसके बाद जगन्नाथ मंदिर, राजा का बेहड़ा, भगवान मोहल्ला, बंगला मोहल्ला, पलाखा, समखेतर, भुवनेश्वरी मंदिर तथा मंडी नगर के अधिष्ठाता देव भूतनाथ के मंदिर जाकर फाग बरधवाती (विदा करना) की।
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नगाड़े, शहनाई और घंटियों की आवाज के साथ भगवान माधोराय के आगमन पर मोहल्ले भर के लोग फाग के इर्द-गिर्द घूमकर हिंगला, पोपला, नारदा, शारदा के मंत्रोचारण के साथ गुलाल फेंकते हैं। उसके बाद आग के चारों तरफ बैठकर भजन कीर्तन का सिलसिला रातभर चलता रहा।
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