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कब्जे हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक लागू करे सरकार : भूपेंद्र
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सरकार विभागों को दें निर्देश, नहीं तो दायर होगी अवमानना याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल किसान सभा खंड कमेटी सरकाघाट एवं धर्मपुर ने प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट की ओर से किसानों की जमीन से बेदखली पर लगाई गई रोक को सख्ती से लागू करने की मांग की है। सभा ने चेतावनी दी है कि यदि विभागों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश नहीं दिए गए तो कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर की जाएगी।
पूर्व जिला पार्षद एवं किसान सभा के प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 19 सितंबर और 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की याचिकाओं पर हाईकोर्ट के बेदखली आदेशों पर स्थगन लगाया है। इसके बावजूद कुछ विभागीय अधिकारी हाईकोर्ट के अन्य फैसलों का हवाला देकर कब्जे हटाने के नोटिस जारी कर रहे हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इस बारे में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया गया है।
सभा के अध्यक्ष दिनेश काकू, रणताज राणा, दिलीप चंद, दिनेश ठाकुर, संजीव कुमार, संतोष कुमार, अमर सिंह राणा आदि ने कहा कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में सक्रिय होकर हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने बताया कि हिमाचल किसान सभा और सेब उत्पादक संघ पिछले एक दशक से कब्जों को नियमित करने की मांग उठा रहे हैं। भूपेंद्र ने कहा कि 13 अक्तूबर को शिमला के कालीबाड़ी हाल में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल किसान सभा खंड कमेटी सरकाघाट एवं धर्मपुर ने प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट की ओर से किसानों की जमीन से बेदखली पर लगाई गई रोक को सख्ती से लागू करने की मांग की है। सभा ने चेतावनी दी है कि यदि विभागों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश नहीं दिए गए तो कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर की जाएगी।
पूर्व जिला पार्षद एवं किसान सभा के प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 19 सितंबर और 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की याचिकाओं पर हाईकोर्ट के बेदखली आदेशों पर स्थगन लगाया है। इसके बावजूद कुछ विभागीय अधिकारी हाईकोर्ट के अन्य फैसलों का हवाला देकर कब्जे हटाने के नोटिस जारी कर रहे हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इस बारे में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया गया है।
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सभा के अध्यक्ष दिनेश काकू, रणताज राणा, दिलीप चंद, दिनेश ठाकुर, संजीव कुमार, संतोष कुमार, अमर सिंह राणा आदि ने कहा कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में सक्रिय होकर हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने बताया कि हिमाचल किसान सभा और सेब उत्पादक संघ पिछले एक दशक से कब्जों को नियमित करने की मांग उठा रहे हैं। भूपेंद्र ने कहा कि 13 अक्तूबर को शिमला के कालीबाड़ी हाल में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। संवाद
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