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Mandi News: संधोल में सैनिक कैंटीन के पास फेंकी सरकारी सीमेंट की बाेरियां
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संधोल में सैनिक कैंटीन के पास नाले में फेंकी सीमेंट की बोरियां। स्रोत जागरूक पाठक
कुछ बोरियां बारिश और नमी से हो रही थीं खराब
सरकारी सामग्री को बर्बाद करने पर उठ रहे सवाल
लोग बोले, निर्माण सामग्री का ऐसा हाल तो कार्य की गुणवत्ता कैसी होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
संधोल (मंडी)। संधोल में सरकारी सिस्टम की लापरवाही फिर सवालों के घेरे में है। यहां जलशक्ति विभाग के उपमंडल क्षेत्र में चल रहे नाले के चैनलाइजेशन कार्य के दौरान सरकारी सीमेंट की बोरियां सड़क किनारे और नाले में फेंकी हुई मिली हैं। सैनिक कैंटीन के पास कई सीमेंट की बोरियां खुले में पड़ी देखी गईं। कुछ बोरियां फट चुकी थीं, जबकि कई बारिश और नमी के कारण खराब हो रही थीं।
स्थानीय लोगों दीपक कुमार, संत राम, विजय कुमार और हरिदास का कहना है कि एक तरफ सरकार और विभाग विकास कार्यों के लिए बजट और संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं, दूसरी तरफ सरकारी सामग्री को इस तरह बर्बाद किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार विभाग ने नाले के चैनलाइजेशन कार्य को भी बंद कर दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण सामग्री का यही हाल है तो कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उधर, जलशक्ति विभाग उपमंडल संधोल के सहायक अभियंता सूरजमणि ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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सरकारी सामग्री को बर्बाद करने पर उठ रहे सवाल
लोग बोले, निर्माण सामग्री का ऐसा हाल तो कार्य की गुणवत्ता कैसी होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
संधोल (मंडी)। संधोल में सरकारी सिस्टम की लापरवाही फिर सवालों के घेरे में है। यहां जलशक्ति विभाग के उपमंडल क्षेत्र में चल रहे नाले के चैनलाइजेशन कार्य के दौरान सरकारी सीमेंट की बोरियां सड़क किनारे और नाले में फेंकी हुई मिली हैं। सैनिक कैंटीन के पास कई सीमेंट की बोरियां खुले में पड़ी देखी गईं। कुछ बोरियां फट चुकी थीं, जबकि कई बारिश और नमी के कारण खराब हो रही थीं।
स्थानीय लोगों दीपक कुमार, संत राम, विजय कुमार और हरिदास का कहना है कि एक तरफ सरकार और विभाग विकास कार्यों के लिए बजट और संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं, दूसरी तरफ सरकारी सामग्री को इस तरह बर्बाद किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार विभाग ने नाले के चैनलाइजेशन कार्य को भी बंद कर दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण सामग्री का यही हाल है तो कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उधर, जलशक्ति विभाग उपमंडल संधोल के सहायक अभियंता सूरजमणि ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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