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Mandi News: मर्ज एरिया में अब गारबेज कलेक्शन शुल्क ने बढ़ाई टेंशन
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पार्षदों ने कूड़ा शुल्क समेत हाईटेक गाड़ियों की खरीद पर उठाए सवाल
कहा- गाड़ियां छोटी, शहरी वार्डों की अपेक्षा सफाई कर्मचारी भी पूरे नहीं
केपी पांजला
मंडी। नगर निगम ने मर्ज एरिया से अभी कूड़े का शुल्क वसूलने के आधिकारिक आदेश जारी नहीं किए हैं, उससे पहले पार्षदों ने वार्डों में कूड़ा उठाने के लिए ठेके पर ली हाईटेक गाड़ियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पार्षदों का कहना है कि जो गाड़ियां ली हैं, वे साइज में छोटी हैं और कूड़ा उठाने के लिए उन्हें कई चक्कर काटने पड़ेंगे। वहीं, सभी वार्डों को कूड़ा उठाने की गाड़ियां मिलने पर मर्ज एरिया में फिर से तनाव बढ़ने लगा है।
पार्षदों का कहना है कि सुविधाएं देहाती होने के बावजूद कूड़े का शुल्क वसूलना जबरदस्ती होगा। मर्ज वार्ड बैहना, तल्याड़ और नेला के पार्षदों ने बताया कि वार्ड में शहरी वार्डों की अपेक्षा कम सफाई वाले कर्मचारी हैं। शहरी वार्डों में 15 से 20 कर्मचारी सीएलसी के तहत हैं, जबकि मर्ज एरिया क्षेत्र बड़ा होने के कारण 6-6 कर्मचारी काम कर रहे हैं। बता दें कि दो माह पहले नगर निगम के शहरी निदेशक गोपाल शर्मा ने नगर निगम के आयुक्त को पत्र लिखकर गृहकर वसूलने को लेकर सर्वे की बात कही थी। तब उन्होंने साफ किया था कि मर्ज एरिया में मूलभूत सुविधाओं के लिए तीन साल काफी थे। अब नई गाड़ियों के आने से लोगों को लग रहा है कि गृहकर के साथ अब कूड़े का शुल्क भी चुकाना पड़ेगा।
नगर निगम के महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने बताया कि मर्ज एरिया में कूड़े का शुल्क वसूलने के लिए पार्षदों की पहले राय ली जाएगी। उसके बाद ही फैसला लिया जाएगा।
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कोट्स
बैहना के वार्ड कृष्ण भानू ने बताया कि जो गाड़ियां ली गई हैं, वे छोटी और महंगी हैं। कूड़ा उठाने के लिए उन्हें कई चक्कर काटने पड़ेंगे। वार्ड में सीएलसी के तहत सफाई के लिए रखा स्टाफ भी पूरा नहीं है। इसे लेकर निगम के आयुक्त, महापौर और अधिकारी कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं के बाद ही शुल्क लेना चाहिए।
तल्याड़ वार्ड की पार्षद सुदेश सैन ने बताया कि निगम की जो गाड़ियां गारबेज के लिए आई हैं, वे छोटी हैं। उन्होंने इन्हें लेने से इंकार करते कहा कि पहले जो गाड़ी चल रही हैं, उनसे ही सेवाएं लेंगे। वार्ड में सफाई स्टाफ भी पूरा नहीं है।
नेला वार्ड के पार्षद राजेंद्र मोहन ने बताया कि उनके वार्ड से सबसे ज्यादा गारबेज कलेक्शन वसूला गया है, लेकिन फिर भी सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। बाकी वार्डों में 20 कर्मचारी हैं, जबकि उनके वार्ड में 6 ही कर्मचारी तैनात हैं। जो गाड़ियां ली गई हैं वे हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद आई हैं, लेकिन काफी छोटी हैं।
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कहा- गाड़ियां छोटी, शहरी वार्डों की अपेक्षा सफाई कर्मचारी भी पूरे नहीं
केपी पांजला
मंडी। नगर निगम ने मर्ज एरिया से अभी कूड़े का शुल्क वसूलने के आधिकारिक आदेश जारी नहीं किए हैं, उससे पहले पार्षदों ने वार्डों में कूड़ा उठाने के लिए ठेके पर ली हाईटेक गाड़ियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पार्षदों का कहना है कि जो गाड़ियां ली हैं, वे साइज में छोटी हैं और कूड़ा उठाने के लिए उन्हें कई चक्कर काटने पड़ेंगे। वहीं, सभी वार्डों को कूड़ा उठाने की गाड़ियां मिलने पर मर्ज एरिया में फिर से तनाव बढ़ने लगा है।
पार्षदों का कहना है कि सुविधाएं देहाती होने के बावजूद कूड़े का शुल्क वसूलना जबरदस्ती होगा। मर्ज वार्ड बैहना, तल्याड़ और नेला के पार्षदों ने बताया कि वार्ड में शहरी वार्डों की अपेक्षा कम सफाई वाले कर्मचारी हैं। शहरी वार्डों में 15 से 20 कर्मचारी सीएलसी के तहत हैं, जबकि मर्ज एरिया क्षेत्र बड़ा होने के कारण 6-6 कर्मचारी काम कर रहे हैं। बता दें कि दो माह पहले नगर निगम के शहरी निदेशक गोपाल शर्मा ने नगर निगम के आयुक्त को पत्र लिखकर गृहकर वसूलने को लेकर सर्वे की बात कही थी। तब उन्होंने साफ किया था कि मर्ज एरिया में मूलभूत सुविधाओं के लिए तीन साल काफी थे। अब नई गाड़ियों के आने से लोगों को लग रहा है कि गृहकर के साथ अब कूड़े का शुल्क भी चुकाना पड़ेगा।
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नगर निगम के महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने बताया कि मर्ज एरिया में कूड़े का शुल्क वसूलने के लिए पार्षदों की पहले राय ली जाएगी। उसके बाद ही फैसला लिया जाएगा।
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बैहना के वार्ड कृष्ण भानू ने बताया कि जो गाड़ियां ली गई हैं, वे छोटी और महंगी हैं। कूड़ा उठाने के लिए उन्हें कई चक्कर काटने पड़ेंगे। वार्ड में सीएलसी के तहत सफाई के लिए रखा स्टाफ भी पूरा नहीं है। इसे लेकर निगम के आयुक्त, महापौर और अधिकारी कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं के बाद ही शुल्क लेना चाहिए।
तल्याड़ वार्ड की पार्षद सुदेश सैन ने बताया कि निगम की जो गाड़ियां गारबेज के लिए आई हैं, वे छोटी हैं। उन्होंने इन्हें लेने से इंकार करते कहा कि पहले जो गाड़ी चल रही हैं, उनसे ही सेवाएं लेंगे। वार्ड में सफाई स्टाफ भी पूरा नहीं है।
नेला वार्ड के पार्षद राजेंद्र मोहन ने बताया कि उनके वार्ड से सबसे ज्यादा गारबेज कलेक्शन वसूला गया है, लेकिन फिर भी सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। बाकी वार्डों में 20 कर्मचारी हैं, जबकि उनके वार्ड में 6 ही कर्मचारी तैनात हैं। जो गाड़ियां ली गई हैं वे हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद आई हैं, लेकिन काफी छोटी हैं।