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Mandi News: सिंचाई योजना का लाभ न मिलने से खेत प्यासे

Sat, 16 Nov 2024 11:35 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2024 11:35 PM IST
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Farms thirsty due to not getting benefit from irrigation scheme
संधोल (मंडी)। क्षेत्र में बारिश न होने के कारण गेहूं की बिजाई नहीं हो पाई है। किसान नकदी फसलों को भी नहीं लगा पा रहे हैं। करीब तीन साल पहले संधोल के बलयाली गांव के निकट बल्ला में ब्यास से सिंचाई योजना का निर्माण किया था। इससे संधोल क्षेत्र की पांच पंचायतों सोहर, नेरी, दत्तवाड़, घनाला और संधोल के लिए सिंचाई सुविधा मिलती थी। आज हालत यह है कि 1924.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित योजना से खेतों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। आज भी किसान वर्षा पर ही निर्भर है। कुछ किसानों को सिंचाई सुविधा मिल रही है लेकिन अधिकतर किसानों के खेत प्यासे ही हैं।
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किसानों का आरोप है कि सिंचाई योजना के पानी के वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। किसान सभा के अध्यक्ष डाॅ. मोहन लाल ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च कर आज भी किसानों को कोई लाभ नहीं मिला है। 252 चैंबर में से 147 ही सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। किसानों ने योजना के स्वरूप में बदलाव करने की विधायक और विभाग से मांग की है।
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जल शक्ति मंडल संधोल के सहायक अभियंता प्रदीप राठौर ने बताया कि यह योजना स्प्रिंकलर न होकर फ्लड बेस्ड है। ऐसे में किसान की मांग पर चैंबर से पाइप के माध्यम से किसान अपने खेत की सिंचाई कर सकता है। चैंबर के साथ सटे खेत के किसान नुकसान होने के डर से इस व्यवस्था से किनारा कर रहे हैं। सिंचाई योजना अभी पूरी तरह काम कर रही है। संवाद
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