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Mandi News: जमीन का सर्किल रेट कम देने पर भड़के बैहना के किसान
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बैहना में सड़क निर्माण की जद में आने वाले भू प्रभावितों से वार्ता करते हुए अधिकारी । संवाद
बैहना (मंडी)। बल्ह घाटी के बैहना में एनडीआरएफ बटालियन कैंपस की सड़क के निर्माण के लिए निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भूपेंद्र कुमार और भू-अधिग्रहण कानूनगो इंद्र देव ने प्रभावितों का पक्ष जाना। जमीन का सर्किल रेट कम होने पर किसानों ने विरोध किया। कहा कि इतने कम रेट पर जमीन नहीं देंगे। उनकी भूमि उपजाऊ है।
एनडीआरएफ बटालियन के लिए 17 बीघा निजी भूमि का अधिग्रहण होगा और 15 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। बैहना में एनडीआरएफ का मुख्यालय होगा जो पूरे हिमाचल को कवर करेगा। बटालियन कैंपस के लिए 23.97 हेक्टेयर जमीन की वन एवं पर्यावरण जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की मंजूरी मिल चुकी है। कैंपस निर्माण की जद में आने वाले पेड़ों की गणना का कार्य भी पूरा हो चुका है। पेड़ों की मार्किंग करने के बाद सड़क निर्माण में आने वाले पेड़ों का कटान भी शुरू हो गया है। अधिकारियों ने जिन लोगों की जमीन का सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहण होगा, उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाया।
जमीन का सर्किल रेट कम होने पर लोगों ने नाराजगी जताई और कहा कि उनकी उपजाऊ भूमि का उन्हें बहुत कम मूल्य दिया जा रहा है। पूर्व प्रधान सिद्धू राम, पूर्व वार्ड पंच बीरी सिंह, तेज सिंह, मनोज ठाकुर, मोहित ठाकुर और टेक चंद आदि ने बताया कि फोरलेन से 100 मीटर के दायरे में सर्किल रेट 1.78 लाख रुपये बिस्वा जबकि इससे पीछे की जमीन का सर्किल रेट 62,940 रुपये बिस्वा है जो तर्कसंगत नहीं है। एनडीआरएफ बटालियन सड़क के लिए उनकी उपजाऊ भूमि का ही अधिग्रहण किया जा रहा है तथा इतने कम रेट पर ग्रामीण अपनी उपजाऊ भूमि नहीं देंगे।
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अधिकारियों ने मौके पर आए सभी प्रभावितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जमीन के मूल्य के बारे में नेगोशिएशन कमेटी का गठन होगा तथा प्रभावित अपना पक्ष कमेटी के समक्ष रख सकते हैं।
पार्षद कृष्ण भानू ने कहा कि एनडीआरएफ बटालियन सड़क के लिए जो निजी भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, उसमें अधिकतर भूमि उपजाऊ है। सर्किल रेट कम होने के कारण किसान अपनी उपजाऊ भूमि इतने कम रेट पर नहीं देंगे। नेगोशिएशन कमेटी के समक्ष कम रेट का विरोध जताएंगे। अगर उसके बाद भी बात न बनी तो संघर्ष समिति का गठन कर इसका विरोध जताया जाएगा। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी के कनिष्ठ अभियंता अर्जुन कटोच और भू-अधिग्रहण पटवारी नरेश कुमार भी उपस्थित रहे।
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एनडीआरएफ बटालियन के लिए 17 बीघा निजी भूमि का अधिग्रहण होगा और 15 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। बैहना में एनडीआरएफ का मुख्यालय होगा जो पूरे हिमाचल को कवर करेगा। बटालियन कैंपस के लिए 23.97 हेक्टेयर जमीन की वन एवं पर्यावरण जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की मंजूरी मिल चुकी है। कैंपस निर्माण की जद में आने वाले पेड़ों की गणना का कार्य भी पूरा हो चुका है। पेड़ों की मार्किंग करने के बाद सड़क निर्माण में आने वाले पेड़ों का कटान भी शुरू हो गया है। अधिकारियों ने जिन लोगों की जमीन का सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहण होगा, उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाया।
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जमीन का सर्किल रेट कम होने पर लोगों ने नाराजगी जताई और कहा कि उनकी उपजाऊ भूमि का उन्हें बहुत कम मूल्य दिया जा रहा है। पूर्व प्रधान सिद्धू राम, पूर्व वार्ड पंच बीरी सिंह, तेज सिंह, मनोज ठाकुर, मोहित ठाकुर और टेक चंद आदि ने बताया कि फोरलेन से 100 मीटर के दायरे में सर्किल रेट 1.78 लाख रुपये बिस्वा जबकि इससे पीछे की जमीन का सर्किल रेट 62,940 रुपये बिस्वा है जो तर्कसंगत नहीं है। एनडीआरएफ बटालियन सड़क के लिए उनकी उपजाऊ भूमि का ही अधिग्रहण किया जा रहा है तथा इतने कम रेट पर ग्रामीण अपनी उपजाऊ भूमि नहीं देंगे।
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अधिकारियों ने मौके पर आए सभी प्रभावितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जमीन के मूल्य के बारे में नेगोशिएशन कमेटी का गठन होगा तथा प्रभावित अपना पक्ष कमेटी के समक्ष रख सकते हैं।
पार्षद कृष्ण भानू ने कहा कि एनडीआरएफ बटालियन सड़क के लिए जो निजी भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, उसमें अधिकतर भूमि उपजाऊ है। सर्किल रेट कम होने के कारण किसान अपनी उपजाऊ भूमि इतने कम रेट पर नहीं देंगे। नेगोशिएशन कमेटी के समक्ष कम रेट का विरोध जताएंगे। अगर उसके बाद भी बात न बनी तो संघर्ष समिति का गठन कर इसका विरोध जताया जाएगा। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी के कनिष्ठ अभियंता अर्जुन कटोच और भू-अधिग्रहण पटवारी नरेश कुमार भी उपस्थित रहे।
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