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Mandi News: ई-टैक्सी से युवाओं की बढ़ गई आमदनी
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मंडी। जिले में ई-टैक्सी योजना बेरोजगार युवाओं की आर्थिकी को मजबूत कर रही है। टैक्सी चला कर पहले आठ से दस हजार रुपये मासिक कमाने वाले युवा अब पचास से साठ हजार रुपये प्राप्त कर रहे हैं।
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रही है। योजना के तहत ई-टैक्सी के लिए पात्र युवाओं को 50 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जा रहा है। साथ ही सरकारी विभागों से संबद्ध कर गाड़ी किराये पर देने का प्रावधान भी किया गया है। योजना के अंतर्गत मंडी जिले में भी अब तक लगभग 21 लाख 74 हजार रुपये का उपदान लाभार्थियों को प्रदान किया जा चुका है।
मांडल गांव के मुकेश ठाकुर ने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप ई-टैक्सी योजना की जानकारी मिलने पर फार्म भरा और साक्षात्कार दिया। ड्राइविंग टेस्ट पास होने के बाद उन्हें ई-टैक्सी मिल गई। उनकी यह ई-टैक्सी जल शक्ति विभाग से संबद्ध की गई है। इससे पहले वह चालक की नौकरी करते थे और मात्र 10 हजार रुपये वेतन मिलता था। इससे बड़ी मुश्किल से घर का खर्च चलता था। ई-टैक्सी योजना के तहत उन्होंने लगभग साढ़े 15 लाख रुपये की गाड़ी खरीदी जिस पर साढ़े सात लाख रुपये सब्सिडी 50 प्रतिशत की दर से मिल चुकी है।
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जल शक्ति विभाग से संबद्ध होने के बाद अब हर महीने 50 हजार रुपये मिलते हैं। तहसील संधोल के भूर गांव निवासी सुभाष चंद्र की गाड़ी जल शक्ति विभाग पधर उपमंडल में लगी है। उन्होंने बताया कि हर माह 50 हजार रुपये की आय हो रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से वातावरण स्वच्छ रखने में भी मदद मिल रही है।
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राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रही है। योजना के तहत ई-टैक्सी के लिए पात्र युवाओं को 50 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जा रहा है। साथ ही सरकारी विभागों से संबद्ध कर गाड़ी किराये पर देने का प्रावधान भी किया गया है। योजना के अंतर्गत मंडी जिले में भी अब तक लगभग 21 लाख 74 हजार रुपये का उपदान लाभार्थियों को प्रदान किया जा चुका है।
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मांडल गांव के मुकेश ठाकुर ने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप ई-टैक्सी योजना की जानकारी मिलने पर फार्म भरा और साक्षात्कार दिया। ड्राइविंग टेस्ट पास होने के बाद उन्हें ई-टैक्सी मिल गई। उनकी यह ई-टैक्सी जल शक्ति विभाग से संबद्ध की गई है। इससे पहले वह चालक की नौकरी करते थे और मात्र 10 हजार रुपये वेतन मिलता था। इससे बड़ी मुश्किल से घर का खर्च चलता था। ई-टैक्सी योजना के तहत उन्होंने लगभग साढ़े 15 लाख रुपये की गाड़ी खरीदी जिस पर साढ़े सात लाख रुपये सब्सिडी 50 प्रतिशत की दर से मिल चुकी है।
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जल शक्ति विभाग से संबद्ध होने के बाद अब हर महीने 50 हजार रुपये मिलते हैं। तहसील संधोल के भूर गांव निवासी सुभाष चंद्र की गाड़ी जल शक्ति विभाग पधर उपमंडल में लगी है। उन्होंने बताया कि हर माह 50 हजार रुपये की आय हो रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से वातावरण स्वच्छ रखने में भी मदद मिल रही है।