{"_id":"6161ce1b8ebc3ea1887961e1","slug":"devotees-gathered-in-the-temples-worshiped-maa-chandraghata-mandi-news-sml3866937192","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिरों में उमड़े भक्त, मां चंद्रघटा की पूजा-अर्चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिरों में उमड़े भक्त, मां चंद्रघटा की पूजा-अर्चना
विज्ञापन
मंडी में मां भीमाकाली मंदिर में आयोजित भागवत कथा का श्रवण करते श्रद्धालु।
- फोटो : Mandi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। शारदीय नवरात्र में शनिवार को छुट्टी होने के चलते मंदिरों में भारी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे। इसके चलते दिनभर चहल पहल रही।
भक्तों ने माता चंद्रघटा के रूप की पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की मनोकामना की। मंदिरों में भी दुर्गा पाठ और श्रीमद् भागवत कथा भी जारी है।
घरों और बाजारों में पूजा की रौनक देखी जा सकती है। मंडी के प्रसिद्ध मंदिर माता नैणा, हाटेश्वरी, कोयला माता, टारना माता, सिद्धकाली मंदिर, भीमाकाली और मुरारी माता मंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़ जारी रही। भक्त माता के दरबार में हाजिरी भरकर संतुष्ट दिखे।
शाम के समय सूक्ष्म तरीके में भजन कीर्तन का दौर चल रहा है। भीमाकाली माता मंदिर के पुजारी पुष्पराज शर्मा ने बताया कि मंदिर में शनिवार को श्रीमद् देवी भागवत कथा एक से चार बजे तक एसओपी के पालन के तहत जारी है। समापन पर हवन यज्ञ और पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा। माता के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जा रही है। संवाद
विज्ञापन
भक्तों ने माता चंद्रघटा के रूप की पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की मनोकामना की। मंदिरों में भी दुर्गा पाठ और श्रीमद् भागवत कथा भी जारी है।
घरों और बाजारों में पूजा की रौनक देखी जा सकती है। मंडी के प्रसिद्ध मंदिर माता नैणा, हाटेश्वरी, कोयला माता, टारना माता, सिद्धकाली मंदिर, भीमाकाली और मुरारी माता मंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़ जारी रही। भक्त माता के दरबार में हाजिरी भरकर संतुष्ट दिखे।
शाम के समय सूक्ष्म तरीके में भजन कीर्तन का दौर चल रहा है। भीमाकाली माता मंदिर के पुजारी पुष्पराज शर्मा ने बताया कि मंदिर में शनिवार को श्रीमद् देवी भागवत कथा एक से चार बजे तक एसओपी के पालन के तहत जारी है। समापन पर हवन यज्ञ और पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा। माता के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जा रही है। संवाद
विज्ञापन