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Mandi News: प्रतिबंध के बावजूद शिवरात्रि मेले में बेखौफ बिक रही कॉटन कैंडी
Sun, 17 Mar 2024 02:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 17 Mar 2024 02:38 AM IST
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वल्लभ डिग्री कॉलेज के पास कॉटन कैंडी बेचने के लिए घूमता युवक। संवाद
मंडी। हिमाचल प्रदेश में कॉटन कैंडी बनाने और बेचने पर स्वास्थ्य विभाग ने प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के मेला मैदान पड्डल में बाहरी राज्यों के युवा शनिवार को भी इसे बेखौफ होकर बेचते नजर आए। जब उनसे पूछा गया कि कॉटन कैंडी बेचने पर प्रतिबंध है तो उन्होंने बताया कि लोग तो अभी भी खरीद रहे हैं। उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं है।
वहीं, मेला मैदान में अभिभावकों के साथ चल रहे छोटे बच्चे इसे खरीदते नजर आए। बता दें कि मंडी जिला से ही कॉटन कैंडी का सैंपल सबसे पहले भेजा गया था। इसके बाद सोलन, शिमला और बिलासपुर समेत अन्य जगहों से भी इसके सैंपल उठाए गए थे। सैंपलों के फेल होने के बाद प्रदेश सरकार ने तुरंत प्रभाव से इस पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगाया दिया है।
बताया जा रहा है कि कॉटन कैंडी में रोडामाइन-बी केमिकल है, जिससे कैंसर हो सकता है। उधर, फूड सेफ्टी विभाग का कहना है कि कॉटन कैंडी को गुलाबी रंग देने के लिए रोडामाइन-बी का इस्तेमाल किया जाता है। यह केमिकल सेहत के लिए हानिकारक होता है। रोडामाइन-बी का खाने की वस्तुओं में इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है।
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अगर मेला मैदान में कोई प्रतिबंध के बावजूद कॉटन कैंडी बेच रहा है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मेला मैदान में टीम को भी निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। मंडी जिला से ही पहला कॉटन कैंडी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जिले में कॉटन कैंडी बनाने, बेचने और रखने पर एक साल तक का प्रतिबंध लगा दिया गया है। नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
-- एलडी ठाकुर, फूड सेफ्टी अधिकरी, मंडी
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वहीं, मेला मैदान में अभिभावकों के साथ चल रहे छोटे बच्चे इसे खरीदते नजर आए। बता दें कि मंडी जिला से ही कॉटन कैंडी का सैंपल सबसे पहले भेजा गया था। इसके बाद सोलन, शिमला और बिलासपुर समेत अन्य जगहों से भी इसके सैंपल उठाए गए थे। सैंपलों के फेल होने के बाद प्रदेश सरकार ने तुरंत प्रभाव से इस पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगाया दिया है।
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बताया जा रहा है कि कॉटन कैंडी में रोडामाइन-बी केमिकल है, जिससे कैंसर हो सकता है। उधर, फूड सेफ्टी विभाग का कहना है कि कॉटन कैंडी को गुलाबी रंग देने के लिए रोडामाइन-बी का इस्तेमाल किया जाता है। यह केमिकल सेहत के लिए हानिकारक होता है। रोडामाइन-बी का खाने की वस्तुओं में इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है।
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अगर मेला मैदान में कोई प्रतिबंध के बावजूद कॉटन कैंडी बेच रहा है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मेला मैदान में टीम को भी निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। मंडी जिला से ही पहला कॉटन कैंडी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जिले में कॉटन कैंडी बनाने, बेचने और रखने पर एक साल तक का प्रतिबंध लगा दिया गया है। नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

वल्लभ डिग्री कॉलेज के पास कॉटन कैंडी बेचने के लिए घूमता युवक। संवाद