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Mandi News: श्मशानघाट की निशानदेही पर दाड़ी पंचायत को आपत्ति
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अवाहदेवी (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत दाड़ी और कोट लांगसा की सीमा पर चीड़ के जंगल में श्मशानघाट निर्माण के लिए राजस्व विभाग की ओर से की जा रही निशानदेही पर ग्राम पंचायत दाड़ी ने आपत्ति जताई है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के आसपास रिहायशी मकान, दुकानें और निजी स्कूल हैं। ऐसे में यहां श्मशानघाट बनाने के बजाय कोई अन्य स्थान चिह्नित किया जाना चाहिए।
अवाहदेवी क्षेत्र के कुछ लोगों ने श्मशानघाट निर्माण की मांग विधायक से की थी। विधायक के निर्देश पर राजस्व विभाग के कानूनगो और पटवारी शुक्रवार को मौके पर निशानदेही के लिए पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने पर दाड़ी पंचायत के प्रधान कृष्ण चंद, उपप्रधान मनोज चौहान, पूर्व प्रधान कुशल चंदेल, वार्ड सदस्य और अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और विभाग के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि चिह्नित स्थल दाड़ी पंचायत की सीमा में आता है और चीड़ के जंगल में स्थित है। आसपास रिहायशी क्षेत्र होने के कारण यहां श्मशानघाट बनने से लोगों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस स्थान का उपयोग विश्रामगृह, पार्क या अन्य जनसुविधा के लिए किया जा सकता है।
प्रधान कृष्ण चंद ने कहा कि इससे पहले भी कुछ लोगों ने पंचायत की ग्रामसभा में इसी स्थान पर श्मशानघाट बनाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन ग्रामसभा में मौजूद लोगों ने उस समय असहमति जताई थी। स्थल चिह्नित करते समय पंचायत और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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उपप्रधान मनोज चौहान ने कहा कि अवाहदेवी का अधिकांश क्षेत्र ग्राम पंचायत चंबोह के अंतर्गत आता है, जबकि कुछ क्षेत्र ग्राम पंचायत बगवाड़ा में भी पड़ता है। ऐसे में श्मशानघाट के लिए भूमि चिह्नित करने से पहले संबंधित पंचायतों और स्थानीय लोगों से चर्चा की जानी चाहिए।
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अवाहदेवी क्षेत्र के कुछ लोगों ने श्मशानघाट निर्माण की मांग विधायक से की थी। विधायक के निर्देश पर राजस्व विभाग के कानूनगो और पटवारी शुक्रवार को मौके पर निशानदेही के लिए पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने पर दाड़ी पंचायत के प्रधान कृष्ण चंद, उपप्रधान मनोज चौहान, पूर्व प्रधान कुशल चंदेल, वार्ड सदस्य और अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और विभाग के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि चिह्नित स्थल दाड़ी पंचायत की सीमा में आता है और चीड़ के जंगल में स्थित है। आसपास रिहायशी क्षेत्र होने के कारण यहां श्मशानघाट बनने से लोगों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस स्थान का उपयोग विश्रामगृह, पार्क या अन्य जनसुविधा के लिए किया जा सकता है।
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प्रधान कृष्ण चंद ने कहा कि इससे पहले भी कुछ लोगों ने पंचायत की ग्रामसभा में इसी स्थान पर श्मशानघाट बनाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन ग्रामसभा में मौजूद लोगों ने उस समय असहमति जताई थी। स्थल चिह्नित करते समय पंचायत और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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उपप्रधान मनोज चौहान ने कहा कि अवाहदेवी का अधिकांश क्षेत्र ग्राम पंचायत चंबोह के अंतर्गत आता है, जबकि कुछ क्षेत्र ग्राम पंचायत बगवाड़ा में भी पड़ता है। ऐसे में श्मशानघाट के लिए भूमि चिह्नित करने से पहले संबंधित पंचायतों और स्थानीय लोगों से चर्चा की जानी चाहिए।