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Mandi News: किताबों के बोझ तले दबे बच्चे, मापदंडों के उल्लंघन पर विभाग सख्त

Sat, 26 Sep 2026 01:14 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:14 AM IST
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Children weighed down by the burden of books; department strict on violations of norms.
जिले के स्कूलों में औचक निरीक्षण में 40 से 43 प्रतिशत विद्यार्थियों के बैग पाए गए ओवरवेट
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उप निदेशक शिक्षा (उच्च) मंडी ने सरकारी और निजी स्कूलों में की जांच
संस्था प्रमुखों को जारी किए सख्त निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के बच्चे इन दिनों भारी स्कूल बैग के बोझ तले दब रहे हैं। मंडी जिले के विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षा विभाग की ओर से किए गए औचक निरीक्षण में करीब 40 से 43 प्रतिशत विद्यार्थियों के स्कूल बैग निर्धारित मानक से अधिक वजनी पाए गए। इस गंभीर स्थिति को लेकर उच्च शिक्षा उप निदेशक मंडी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधनों को सख्त हिदायत दी है।
हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय के निर्देशों पर उच्च शिक्षा उप निदेशक मंडी यशवीर धीमान के नेतृत्व में टीम ने जिले के कई सरकारी और निजी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निर्धारित मानकों के अनुसार किसी भी विद्यार्थी के स्कूल बैग का वजन उसके शरीर के कुल वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। हालांकि, निरीक्षण के पहले दिन राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाल मंडी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मंडी तथा सीबीएसई और हिमाचल प्रदेश बोर्ड से संबद्ध स्कूलों की जांच के दौरान करीब 40 प्रतिशत विद्यार्थियों के बस्ते तय सीमा से अधिक भारी पाए गए।
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निरीक्षण के दूसरे दिन शुक्रवार को न्यू पैराडाइज पब्लिक स्कूल गुरकर, सेंट फ्रांसिस जेवियर कॉन्वेंट स्कूल बगला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगला में जांच की गई। इन स्कूलों में स्थिति और भी चिंताजनक मिली। यहां करीब 43 प्रतिशत विद्यार्थियों के स्कूल बैग निर्धारित मानक से अधिक वजनी पाए गए। उधर, उच्च शिक्षा उप निदेशक यशवीर धीमान ने बताया कि जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि वे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को भारी बस्तों के कारण होने वाले मानसिक और शारीरिक तनाव से बचाने के लिए टाइम-टेबल में आवश्यक बदलाव किए जाएं। साथ ही, जिन किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री की रोजाना आवश्यकता नहीं है, उन्हें घर पर रखने की व्यवस्था की जाए, ताकि विद्यार्थियों के स्कूल बैग का वजन निर्धारित सीमा के भीतर रखा जा सके।
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