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हजारों लोगों को फिल्टर किए बिना ही पिला दिया पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Fri, 05 Feb 2016 10:49 PM IST
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सरकाघाट और धर्मपुर उपमंडल की अधिकांश पेयजल स्कीमों में बिना फिल्टर किए सीधे खड्डों का पानी लोगों को सप्लाई हो रहा है। अधिकांश पेयजल योजनाओं में फिल्टर सुविधा न होने के कारण सीधे पानी सप्लाई किया जा रहा है। इससे जलजनित रोग फैलने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र की 90 फीसदी पेयजल योजनाओं में फिल्टर टैंक व ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं।
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क्षेत्र की कांढापतन-मंडप पेयजल योजना में फिल्टर की सुविधा नहीं है। 15 हजार आबादी को पेयजल उपलब्ध करवाने वाली इस योजना का ट्रीटमेंट प्लांट पिछले तीन वर्षों से जंग खा रहा है। योजना से बरोटी, टौरजाजर, पुतली फाल्ड, लंगेहड़, मंडप, चनौता और बनाल पंचायतों को ब्यास नदी का पानी सप्लाई किया जा रहा है।
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ब्रह्म फाल्ड, पुतली फाल्ड व चह गांवों के लिए बनी सिंचाई योजना का पानी भी सीधे पेयजल टैंकों में डालकर लोगों को पिलाया जा रहा है। कुनाला-रोपड़ी उठाऊ पेयजल योजना से रोपड़ी, झंझैल, परसदा, हवाणी और चौक ब्राड़ता पंचायत के कुछ इलाकों को सीधे खड्ड का पानी मुहैया करवाया जा रहा है।
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ठंडा पानी, मटकू नाल और खड्डों के किनारे बनी पेयजल योजनाओं में भी खड्डों में कुएं खोद पानी इकट्ठा कर बिना ट्रीटमेंट के सप्लाई किया जा रहा है। ठेके पर दी गई योजनाओं की हालत खराब है। यहां क्लोरिनेशन के अभाव में उपभोक्ताओं को पानी उबाल कर पीना पड़ रहा है।
वहीं, टैंकों के किनारे गंदगी का आलम है। इधर, लंगेहड़ पंचायत के उपप्रधान लेखराज, मुरारी लाल, जयपाल, देशराज, राजेश कुमार, संतोष कुमार, मोहन सिंह, हरी राम, मनोहर लाल, चिंत राम, सत्या देवी, ज्ञान चंद, लेखराज, हरी राम, कांशी राम व अन्य ने सीएम वीरभद्र सिंह से आईपीएच विभाग की सभी पेयजल योजनाओं से शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने का आग्रह किया है।
हमीरपुर स्थित आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके चौधरी ने बताया कि प्रमुख पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया गया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।