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दसवीं पास है नकली नोट छापने वाले रैकेट का मास्टरमाइंड

Tue, 27 Feb 2018 10:57 PM IST
Updated Tue, 27 Feb 2018 10:57 PM IST
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दसवीं पास है नकली नोट छापने वाले रैकेट का मास्टरमाइंड
मंडी/नेरचौक। पीएनबी की कैश डिपॉजिट मशीन में नकली नोट जमा कराने के आरोपियों से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस 30 हजार रुपये में 45 हजार के नकली नोट बेचने के एंगल पर भी जांच कर रही है। आरोपियों ने अभी तक कितने आर्डर लिए और कितने आर्डर बाजार में सप्लाई किए हैं, इसकी पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। वहीं पुलिस मामले में लोकल नेटवर्क भी खंगाल रही है। पुलिस की मानें तो असली और नकली करंसी में अंतर करना आम आदमी के लिए मुश्किल है। जबकि, मुख्य आरोपी इन नोट को ए 4 साइज पेपर पर छाप रहा था।
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अनपढ़ आरोपी भाग सिंह ने खूब घुमाई पुलिस
कुल्लू निवासी आरोपी भाग सिंह को तलाशने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मामले में खुद को अनपढ़ बताने वाले आरोपी ने पुलिस को खूब घुमाया। मंडी में 24 फरवरी को पकड़े के कारोबारी ने पूछताछ में जब कुल्लू से कैश कलेक्शन का जिक्र किया तो बल्ह थाना पुलिस ने इसी पहलू पर जांच को आगे बढ़ाते हुए सारी डिटेल खंगाली। लेकिन, भाग सिंह को पकड़ना बेहद मुश्किल था। लोगों से उधारी के चक्कर में वह अकसर घर से बाहर ही रहता था। मामले की जांच कर रहे हेड कांस्टेबल टेक चंद, पीतांबर लाल, कांस्टेबल रामजी, योगराज ने 25 फरवरी को आरोपी को धरा। आरोपी से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को एक दिन बाद मंडी की पैलेस कॉलोनी से पकड़ लिया।
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बैंकिंग की अधूरी जानकारी शातिरों पर पड़ी भारी
शातिरों की नकली नोटों से बैंकों को चूना लगाकर कमाई करने की सोच ही उन पर भारी पड़ गई। आरोपियों को यह अहसास नहीं था कि कैश डिपॉजिट मशीन नकली नोट को रिटेन कर लेती है। शातिरों ने अपने की खाते में नकली नोट जमा करवा दिए। जिस कारण खाताधारक की डिटेल को खंगालते हुए पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस पूछताछ में रैकेट का भंडाफोड़ हो गया।
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ऐसे सामने आया मामला
18 फरवरी को 500 के 33 नकली नोट पीएनबी की भंगरोटू ब्रांच की कैश डिपॉजिट मशीन में जमा करवाए गए। मशीन ने इन नोटों को डिटेन करके एक कोने में रख दिया। इसके बाद 22 फरवरी को पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू की। पैसे जमा करवाने वाले कारोबारी निधि को रविवार को गिरफ्तार किया गया और पुलिस ने जांच का दायरा आगे बढ़ाते हुए नकली नोटों के रैकेट का पर्दाफाश करने में सफलता प्राप्त की।
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