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Mandi News: ताम्रकूट पर्वत पर देव बिज्जू बाला कामेश्वर टिक्का मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा
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श्रद्धालुओं समेत 50 देव कमेटियां बनीं साक्षी
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर(मंडी)। सुकेत के ताम्रकूट पर्वत स्थित गांव बाहोट में भव्य काष्ठ-कुणी शैली से निर्मित देव बिज्जू बाला कामेश्वर टिक्का मंदिर में विधिवत देव प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। बड़ा देव कमरूनाग रोहांडा, देव काला कामेश्वर थुनाग तथा देवी दुलाशन के गूर देवताओं ने कलश स्थापना की रस्म संपन्न करवाई। मंदिर के पुजारी सुभाष सोनी और प्रदीप ने बताया कि मंदिर की नींव दो वर्ष पूर्व बड़ा देव कमरूनाग के आशीर्वाद से रखी गई थी। 25 जून से प्रारंभ हुआ प्रतिष्ठा महोत्सव रविवार को आकाश पूजा के साथ संपन्न हुआ।
देवदार की लकड़ी से निर्मित इस मंदिर में प्राचीन काष्ठ कला का सुंदर और आकर्षक स्वरूप उकेरा गया है। मंदिर का निर्माण स्थानीय मिस्त्री गोपाल भारद्वाज ने किया है। प्रतिष्ठा समारोह में देव कमरूनाग दाड़ी, देव मूल माहूंनाग, देव बड़ेयोगी सहित 50 देव कमेटियों तथा संदाख, बाहोट, ज्योल और हलेल गांवों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान भक्तों ने देवता को दो किलोग्राम चांदी का छत्र, एक किलोग्राम चांदी का चंद्रहार और सांवरिया हार भेंट कर अपनी आस्था प्रकट की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर(मंडी)। सुकेत के ताम्रकूट पर्वत स्थित गांव बाहोट में भव्य काष्ठ-कुणी शैली से निर्मित देव बिज्जू बाला कामेश्वर टिक्का मंदिर में विधिवत देव प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। बड़ा देव कमरूनाग रोहांडा, देव काला कामेश्वर थुनाग तथा देवी दुलाशन के गूर देवताओं ने कलश स्थापना की रस्म संपन्न करवाई। मंदिर के पुजारी सुभाष सोनी और प्रदीप ने बताया कि मंदिर की नींव दो वर्ष पूर्व बड़ा देव कमरूनाग के आशीर्वाद से रखी गई थी। 25 जून से प्रारंभ हुआ प्रतिष्ठा महोत्सव रविवार को आकाश पूजा के साथ संपन्न हुआ।
देवदार की लकड़ी से निर्मित इस मंदिर में प्राचीन काष्ठ कला का सुंदर और आकर्षक स्वरूप उकेरा गया है। मंदिर का निर्माण स्थानीय मिस्त्री गोपाल भारद्वाज ने किया है। प्रतिष्ठा समारोह में देव कमरूनाग दाड़ी, देव मूल माहूंनाग, देव बड़ेयोगी सहित 50 देव कमेटियों तथा संदाख, बाहोट, ज्योल और हलेल गांवों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान भक्तों ने देवता को दो किलोग्राम चांदी का छत्र, एक किलोग्राम चांदी का चंद्रहार और सांवरिया हार भेंट कर अपनी आस्था प्रकट की।
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