{"_id":"6a9b182546c2e4e4f9098dad","slug":"complaint-of-cheque-bounce-filed-before-time-dismissed-mandi-news-c-90-1-ssml1045-211874-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: समय से पहले दाखिल चेक बाउंस की शिकायत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: समय से पहले दाखिल चेक बाउंस की शिकायत खारिज
विज्ञापन
सीजेएम मंडी की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) मंडी की अदालत ने चेक बाउंस मामले में पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत को समय से पहले दाखिल मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि नोटिस की तामील के बाद 15 दिन की वैधानिक अवधि पूरी होने से पहले धारा 138 के तहत कारण-ए-कार्रवाई उत्पन्न नहीं होता।
मामले में जय चंद ने बैंक की देनदारी चुकाने के लिए 7 अप्रैल 2022 को 9,26,763 रुपये का चेक जारी किया था, जो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने से बाउंस हो गया। बैंक ने 5 मई को कानूनी नोटिस भेजा और 18 जून को शिकायत दर्ज कर दी।अदालत ने नोटिस की वास्तविक तामील की तारीख का स्पष्ट रिकॉर्ड न मिलने पर 3 जून 2022 को अनुमानित तामील माना। इसके बाद आरोपी को भुगतान के लिए 15 दिन की कानूनी मोहलत थी। अदालत ने पाया कि बैंक ने यह अवधि पूरी होने वाले दिन ही शिकायत दर्ज कर दी, इसलिए शिकायत समयपूर्व थी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) मंडी की अदालत ने चेक बाउंस मामले में पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत को समय से पहले दाखिल मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि नोटिस की तामील के बाद 15 दिन की वैधानिक अवधि पूरी होने से पहले धारा 138 के तहत कारण-ए-कार्रवाई उत्पन्न नहीं होता।
मामले में जय चंद ने बैंक की देनदारी चुकाने के लिए 7 अप्रैल 2022 को 9,26,763 रुपये का चेक जारी किया था, जो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने से बाउंस हो गया। बैंक ने 5 मई को कानूनी नोटिस भेजा और 18 जून को शिकायत दर्ज कर दी।अदालत ने नोटिस की वास्तविक तामील की तारीख का स्पष्ट रिकॉर्ड न मिलने पर 3 जून 2022 को अनुमानित तामील माना। इसके बाद आरोपी को भुगतान के लिए 15 दिन की कानूनी मोहलत थी। अदालत ने पाया कि बैंक ने यह अवधि पूरी होने वाले दिन ही शिकायत दर्ज कर दी, इसलिए शिकायत समयपूर्व थी।
विज्ञापन