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सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट बल्ह एयरपोर्ट का बजट में जिक्र नहीं
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मंडी। केंद्रीय बजट 2022 में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट मंडी के ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का बजट में जिक्र तक न होने से लोगों को मायूसी हाथ लगी है। सड़क, रेल और पर्यटन से जुड़ी कई उम्मीदों पर हकीकत के रंग चढ़ने का इंतजार है।
नेरचौक में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चीन शासित तिब्बत सीमा के निकट होने के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। इस प्रोजेक्ट के राष्ट्रीय परियोजना बनने की आस बजट से थी। लेकिन बजट में आस धरी की धरी रह गई।
हवाई अड्डे के निर्माण की अनुमानित लागत 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने सड़क प्रोजेक्ट के लिए देशभर में 20 हजार करोड़ का एलान जरूर किया है, लेकिन मंडी समेत हिमाचल सरकार की ओर से केंद्र को भेजी गई 58 सड़कों की अलाइनमेंट रिपोर्ट को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेललाइन के विस्तार की आस भी अधूरी है।
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उधर, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि प्रदेश के लिए यह बजट पूरी तरह से निराशाजनक है। हिमाचलवासियों के लिए इसमें कुछ नहीं है। उम्मीद थी कि क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार प्रतिबंध लगाएगी, लेकिन सरकार ने इससे उल्टा किया। यह भी काले धन को बढ़ाने का एक जरिया है। यह बस आंकड़ों का मायाजाल है।
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नेरचौक में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चीन शासित तिब्बत सीमा के निकट होने के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। इस प्रोजेक्ट के राष्ट्रीय परियोजना बनने की आस बजट से थी। लेकिन बजट में आस धरी की धरी रह गई।
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हवाई अड्डे के निर्माण की अनुमानित लागत 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने सड़क प्रोजेक्ट के लिए देशभर में 20 हजार करोड़ का एलान जरूर किया है, लेकिन मंडी समेत हिमाचल सरकार की ओर से केंद्र को भेजी गई 58 सड़कों की अलाइनमेंट रिपोर्ट को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेललाइन के विस्तार की आस भी अधूरी है।
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उधर, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि प्रदेश के लिए यह बजट पूरी तरह से निराशाजनक है। हिमाचलवासियों के लिए इसमें कुछ नहीं है। उम्मीद थी कि क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार प्रतिबंध लगाएगी, लेकिन सरकार ने इससे उल्टा किया। यह भी काले धन को बढ़ाने का एक जरिया है। यह बस आंकड़ों का मायाजाल है।