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बम मामला : नेरचौक मेडिकल कॉलेज परिसर में निगरानी व्यवस्था पर जोर

Thu, 11 Sep 2025 06:38 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Thu, 11 Sep 2025 06:38 AM IST
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Bomb case: Emphasis on surveillance system in Nerchowk Medical College campus
नेरचौक (मंडी)। नेरचौक मेेडिकल कॉलेज में बम रखने की धमकी के बाद बुधवार को कार्यकारी प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार भवानी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में इस घटना के संबंध में विस्तार से मंथन कर कमियों व पेश आई दिक्कतों पर चर्चा की गई। इसके अलावा बुधवार को मेडिकल काॅलेज में पुलिस निगरानी रही। मेटल डिटेक्टर से ही मरीज व अन्य लोग गुजरे।
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बैठक में चर्चा करते हुए इस पूरे मामले में शुरू से लेकर अंत तक की गई कार्रवाई पर मंथन किया। इंसीडेट रिपोर्ट में कमियों से लेकर हर चीज पर फोकस करते हुए चर्चा हुई। इसी के साथ घटना के प्रभाव, चुनौतियों, कमियों, सबक समेत फॉलोअप पर विस्तार से बातचीत की गई।
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इंसीडेंट रिपोर्ट में पाया कि धमकी ई-मेल नौ सितंबर को सुबह 3:38 बजे मिली। तत्काल की गई कार्रवाई में निकासी, घेराबंदी, अधिकारियों को सूचित करना शामिल रहा। संबंधित एजेंसियाें में पुलिस, बम निरोधक दस्ता, अग्निशमन, चिकित्सा, सुरक्षा को सूचित किया गया। प्रथम प्रतिक्रिया दल का आगमन हुआ और क्षेत्र की सुरक्षा व तलाशी ली गई। कर्मचारियों, छात्रों, जनता के साथ संवाद किया गया। भीड़ प्रबंधन और निकासी प्रक्रिया में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। तलाशी के परिणाम में कोई उपकरण नहीं मिला। घटना के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधियां नहीं मिलीं। इस सबसे व्यवधान उत्पन्न हुआ। इसमें कार्यस्थल/कॉलेज बंद होना, देरी, अफरा-तफरी, यातायात संबंधी दिक्कतें पेश आई।
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कमियों व चुनौतियों में सामने आया कि निकासी में कोई देरी या भ्रम, अफवाहें, आपातकालीन प्रक्रियाओं के बारे में कर्मचारियों व जनता में जागरूकता की कमी पाई है। भीड़ नियंत्रण या यातायात प्रबंधन में रसद संबंधी चुनौतियां भी देखने को मिली।
इस घटना से प्रबंधन ने सबक लिया है कि खतरे की तुरंत रिपोर्टिंग और सत्यापन का महत्व जरूरी है। नियमित मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता है। आंतरिक संचार माध्यमों को मजबूत करना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा सीसीटीवी, प्रवेश नियंत्रण, आगंतुक प्रबंधन बेहद जरूरी है। अनुवर्ती कार्रवाई में मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को अपडेट करना, पहचानी गई कमियों के आधार पर प्रशिक्षण व अभ्यास आयोजित करना शामिल रहा।

बैठक में एसएम डॉ. रजनीश, डिप्टी एमएस डॉ. जोगिंद्र ठाकुर, अतिरिक्त संयुक्त निदेशक संजीव, जल शक्ति व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। उधर, एसएचओ बल्ह संजय कुमार ने बताया कि ई-मेल भेजने वाले का फिलहाल सुराग नहीं लग पाया है। मामले में जांच जारी है।
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